
रूस में क्षमता ही नहीं... तुलसी गैबार्ड ने दिखाया आईना, डीप स्टेट को लपेटा
रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच तुलसी गैबार्ड ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें दावा किया था कि रूस यूक्रेन के बाद यूरोप पर हमला करने वाला है। गैबार्ड ने कहा कि रूस में यूक्रेन को ही पूरी तरह से जीतने की क्षमता नहीं है, यूरोप को तो छोड़ ही दीजिए।
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में यूरोपीय देशों के बीच सबसे बड़ा डर यह है कि यूक्रेन के बाद रूस उन पर हमला कर सकता है। इस डर को लेकर यूरोपीय देशों की तरफ से लगातार बयान बाजी भी हो रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गैबार्ड ने दावा किया है कि रूस के पास यूक्रेन को जीतने और उसे कब्जा करने लायक संसाधन तक नहीं है, यूरोप पर हमला करने या कब्जा करने की बात तो छोड़ ही दीजिए। इतना ही नहीं उन्होंने युद्ध के लिए उकसाने वाले डीप स्टेट को भी शांति के प्रयासों को पटरी से उतारने के लिए लताड़ लगाई।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी राय रखते हुए तुलसी ने कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने लिखा, "सच्चाई यह है कि अमेरिकी खुफिया आंकलन के मुताबिक रूस के पास यूक्रेन को जीतने और उस पर कब्जा करने की भी क्षमता नहीं है, यूरोप पर आक्रमण की तो बात ही दूर है।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस सच्चाई के उलट कई युद्धोन्मादी लोग युद्ध समर्थक नीतियों को जायज ठहराने में लगे हुए हैं।
गैबार्ड ने डीप स्टेट को लताड़ लगाते हुए कहा कि इसमें शामिल लोग और उनका प्रचार मीडिया लगातार राष्ट्रपति ट्रंप के शांति के प्रयासों को पटरी से उतार रहा है। उन्होंने कहा कि यह समूह और इनका मीडिया यह झूठा दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी खुफिया समुदाय और यूरोपीय संघ और नाटो के उस दृष्टिकोण से सहमत है कि यूक्रेन को जीतने के बाद रूस यूरोप पर हमला करके उसे जीतना चाहता है।
उन्होंने लिखा, "डीप स्टेट के युद्धोन्मादी लोग एक बार फिर से राष्ट्रपति ट्रंप और उनके यूक्रेन में शांति लाने के प्रयासों को कमजोर कर रहे हैं। यह लोग झूठा दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी खुफिया विभाग नाटो के उस नजरिये से सहमत है कि रूस हमला करने वाला है।"
गौरतलब है कि गैबार्ड की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में कुछ रिपोर्ट सामने आई हैं। इन रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति पुतिन की क्षेत्रीय महत्वकांक्षाएं बदली नहीं हैं। मॉस्को अभी भी यूक्रेनी इलाकों पर कब्जा करना चाहता है।
इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद ही रूस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। रशिया टुडे के मुताबिक क्रेमलिन की तरफ से कहा गया कि यह दावे एक दम झूठे और बकवास हैं। इनका उपयोग करके पश्चिमी नेता केवल अपनी जनता के सामने सैन्य खर्च को जायज ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
गैबार्ड की टिप्पणी का समर्थन करते हुए पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने कहा वह युद्ध प्रेरित कथाओं को चुनौती देने वाली आवाज बनीं हैं।
दिमित्र ने लिखा, "गैबार्ड न केवल ओबामा-बाइडन काल में गढ़े गए रू होक्स की उत्पत्ति को उजागर कर रही हैं, बल्कि उस डीप स्टेट को भी बेनकाब कर रही हैं, जो ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में रूस-विरोधी भय फैलाकर तीसरे विश्वयुद्ध को भड़काने की कोशिश कर रहा है।"

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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




