तुरंत रोक देंगे हमला; यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए रूस का जेलेंस्की को ऑफर, बस एक शर्त
रूस की तरफ से यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की सरकार की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। रूसी उप विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन को चुनाव में जाकर नई लोकतांत्रिक सरकार का चयन करना चाहिए, जिसके साथ रूस शांति समझौता कर सके।

Russia Ukraine War Update: रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर मॉस्को की तरफ से कीव को नया ऑफर दिया गया है। क्रेमलिन की तरफ से जेलेंस्की सरकार की वैधता पर सवाल उठाते हुए संकेत दिया है कि अगर यूक्रेन में चुनावों की घोषणा होती है और नए चुनाव होते हैं, तो रूस की तरफ से किए जाने वाले हमले उसी वक्त रोक दिए जाएंगे। इस बयान के साथ क्रेमलिन ने अपने पुराने रुख को दोहराया कि वह जेलेंस्की की सरकार को मान्यता नहीं देता है।
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी ताश को दिए एक इंटरव्यू में रूसी उप विदेश मंत्री मिखाइल गालुजिन ने जेलेंस्की की सरकार को अवैध बताया। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रपति पुतिन ने 2025 में ही एक प्रस्ताव दिया था कि यूक्रेनी प्रशासन को एक संयुक्त राष्ट्र द्वारा बनाई गई समिति के हाथ में सौंप दिया जाए, लेकिन इस पर अभी भी कोई विचार नहीं किया गया है।
गालुजिन ने कहा कि रूस का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र की समिति यूक्रेन में निष्पक्ष चुनाव और एक नई सरकार को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक ऐसी सरकार जिसके साथ रूस शांति संधि और भविष्य के द्विपक्षीय सहयोग के वैध समझौते पर हस्ताक्षर कर सकता हो।
चुनाव हुए तो हमले रोक देगा रूस
रूस की तरफ से यूक्रेन के ऊपर किए जा रहे हवाई हमलों की वजह से यूक्रेन को काफी हद तक अवसंरचना का नुकसान हो रहा है। गालुजिन ने इस पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि अगर कीव राष्ट्रपति चुनाव करवाता है, तो रूस उसी दिन हवाई हमले रोक देगा। उन्होंने बताया कि पुतिन ने पहले ही संकेत दिया था कि ऐसी स्थिति में मॉस्को हवाई हमले रोकने के लिए तैयार है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन में फिलहाल मतदान की कोई व्यावहारिक तैयारी नहीं है। उन्होंने कीव पर ड्रोन हमलों के जरिए रूस के 2024 के राष्ट्रपति चुनाव को बाधित करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया।
रूस ने करवाए हैं, सैन्य अभियान के दौरान चुनाव: गालुजिन
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के ऊपर लगातार समय से ज्यादा सत्ता में रहने के आरोप लगते रहे हैं। पुतिन के अलावा ट्रंप ने भी उनकी सरकार के ऊपर सवाल उठाए थे। हालांकि, उस समय पर जेलेंस्की ने जवाब देते हुए कहा था कि जैसे ही देश में शांति हो जाती है और युद्ध समाप्त हो जाता है, वहां पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होंगे। युद्ध की स्थिति में चुनाव करवाना संभव नहीं है।
जेलेंस्की के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गालुजिन ने कहा कि यूक्रेन को रूस के अनुभवों से सीखना चाहिए। युद्ध अभियानों के बीच में भी रूस ने 2024 में युद्ध क्षेत्र में ही मतदान केंद्र खोले थे। हालांकि, यूक्रेन ने इन्हें बाधित करने का प्रयास किया था लेकिन इसके बाद भी हमने चुनाव करवाए।
उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन चुनाव करवाने के लिए जाता है, और युद्ध क्षेत्र में मतदान केंद्र बनाता है, तो रूस की तरफ से हमला नहीं किया जाएगा। हम कीव की तरह मतदान को बाधित नहीं करेंगे। यूक्रेन के लोगों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करने और देश के भविष्य का निर्धारण करने का अधिकार होगा।
आपको बता दें रूस की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के अधिकारी लगातार शांति वार्ता में लगे हुए हैं, हालांकि जमीन का कब्जा किए दिया जाएगा, इसको लेकर बात फंसी हुई है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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