
डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर ही शुरू हुआ घमासान, यूक्रेन ने बताया बेतुका; आगे क्या?
प्रस्तावित शांति प्रस्ताव के मुताबिक यूक्रेन को अपनी सेना की क्षमता आधी करनी होगी और कई अहम हथियार छोड़ने होंगे। योजना में यह भी कहा गया है कि यूक्रेन की जमीन पर किसी भी विदेशी सैनिक की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए।
Russia Ukraine War News: रूस और यूक्रेन के बीच बीते 3 सालों से जारी जंग को खत्म कराने की कोशिश में अमेरिका ने हाल ही में एक नया शांति प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि जंग को सुलझाने की बजाय, इस प्रस्ताव पर ही घमासान शुरू हो गया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने गुरुवार को नए शांति प्रस्ताव को बेतुका बताकर सिरे से खारिज कर दिया। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भले ही इसका भरोसा दिया है कि वे आने वाले दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा कर सकते हैं, यूक्रेन का इस समझौते की शर्तों पर मंजूरी देना लगभग नामुमकिन है।
जानकारी के मुताबिक इस पीस प्लैन को प्लान को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी किरिल दिमित्रीव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने मिलकर तैयार किया है, और चर्चा में यूक्रेन को शामिल नहीं किया गया था। गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक कीव ने इसे यूक्रेन के पार्टनर्स के बीच फूट डालने और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को भ्रमित करने के इरादे से उकसावे के तौर पर खारिज कर दिया।
यूक्रेन ने क्या कहा?
रिपोर्ट में यूक्रेन की फॉरेन पॉलिसी पार्लियामेंट्री कमिटी के चेयरमैन ओलेक्सांद्र मेरेज़्को के हवाले से बताया गया, “अभी इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि रूस सीरियस बातचीत के लिए तैयार है। पुतिन समय बचाने और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहे हैं।” वहीं यूक्रेन के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर सर्गेई किस्लित्स्या ने भी इस प्रस्ताव को को पूरी तरह अयोग्य बताया। उन्होंने कहा कि भ्रम फैलाने के मकसद से मकसद से तैयार किया गया है।
शांति समझौते में क्या?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 28-पॉइंट वाले इस प्रपोजल के मुताबिक यूक्रेन को अपनी सेना की क्षमता आधी करनी होगी और कई अहम हथियार छोड़ने होंगे। इसके साथ ही पश्चिमी देशों से मिलने वाली लंबी दूरी की मिसाइलें बंद हो जाएंगे। योजना में यह भी कहा गया है कि यूक्रेन की जमीन पर किसी भी विदेशी सैनिक की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा इसके तहत अमेरिका और अन्य देश क्रीमिया और डोनबास को कानूनी तौर पर रूस के हिस्से के रूप में मान्यता दे सकते हैं, हालांकि यूक्रेन पर ऐसा करने का दबाव नहीं होगा।
जेलेंस्की पर बढ़ा दबाव
इस बीच वोलोडिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को अमेरिकी अधिकारी से बातचीत के बाद कहा है कि वह यूक्रेन में युद्ध खत्म करने के प्रस्ताव पर अमेरिका के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। जेलेंस्की ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ इस पर चर्चा करेंगे। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा, "हमारी टीमें युद्ध खत्म करने के प्लान पर काम करेंगी। हम कोशिश करने के लिए तैयार हैं।"

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