और भड़केगी रूस-यूक्रेन जंग? ट्रंप के पोस्ट से हड़कंप, पुतिन की आलोचना वाला लेख किया शेयर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए साल के पहले दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाने का संकेत देते हुए न्यूयॉर्क पोस्ट का एक संपादकीय शेयर किया है। इस लेख में रूस को यूक्रेन शांति वार्ता में सबसे बड़ी बाधा करार देते हुए वाशिंगटन से अपील की गई है कि मॉस्को को कोई और रियायत न दी जाए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए साल के पहले दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाने का संकेत देते हुए न्यूयॉर्क पोस्ट का एक लेख शेयर किया है। इस संपादकीय में रूस को यूक्रेन शांति वार्ता में सबसे बड़ी बाधा करार देते हुए वाशिंगटन से अपील की गई है कि मॉस्को को कोई और रियायत न दी जाए और उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाए। माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से यह कदम यूक्रेन शांति प्रयासों में आई रुकावटों के बीच बढ़ती निराशा के कारण उठाया गया है। न्यूयॉर्क पोस्ट में प्रकाशित संपादकीय का शीर्षक था "पुतिन का 'हमला' का दिखावा साबित करता है कि रूस ही शांति के रास्ते में बाधा है।" इसमें कहा गया कि रूस विश्व भर में 'ट्रंप के एजेंडे का विरोध' कर रहा है। इसमें आगे सुझाव दिया गया कि रूस को 'और अधिक रियायतें' नहीं दी जानी चाहिए और 'कठोर रुख' अपनाना चाहिए।
संपादकीय में कहा गया कि कीव ने अपना हिस्सा निभा दिया है। पुतिन पर जिम्मेदारी है कि वे कदम उठाएं या यूक्रेन में और सख्त प्रतिबंधों तथा घातक हथियारों का सामना करें। इसमें आगे कहा गया कि पुतिन के जिद्दी रवैये के बावजूद उनके कार्यों से घरेलू स्थिति बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। उनकी अर्थव्यवस्था स्थिर है, लेकिन सैनिक अंग गंवाकर लौट रहे हैं, जिससे दुष्प्रचार असफल हो रहा है। उनकी जीत न तो निकट है और न ही सुनिश्चित। उनके झूठे आंसुओं से हमें बचाइए और दबाव बढ़ाइए।
दरअसल, संपादकीय में सप्ताह की शुरुआत में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ शांति समझौते की दिशा में हुई प्रगति पर ट्रंप के आशावादी मूल्यांकन का उल्लेख किया गया है, और इसकी तुलना सोमवार को पुतिन के साथ ट्रंप की फोन कॉल के बाद आए झटके से की गई, जिसमें रूसी नेता ने अपने एक आवास पर कथित यूक्रेनी ड्रोन हमले का हवाला देते हुए कहा कि मॉस्को वार्ता में अपना रुख सख्त करेगा।
वहीं, पुतिन के ईरान को समर्थन देने का जिक्र करते हुए संपादकीय में कहा गया कि यूक्रेन से परे देखिए। रूस लंबे समय से ईरान का समर्थक रहा है, और इस सप्ताह उसने इस्लामी शासन के लिए तीन संचार उपग्रह प्रक्षेपित किए। ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु संयंत्रों पर फिर से बमबारी की धमकी के बीच रूस ने 'संयम' बरतने की अपील की। पुतिन वेनेजुएला में भ्रष्ट और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले निकोलस मादुरो शासन का समर्थन करते हैं, और वहां ट्रंप के प्रयासों का विरोध करते हैं।
दूसरी ओर रूसी अधिकारियों ने गुरुवार को यूक्रेन पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया, जिसमें यूक्रेन के खेरसोन क्षेत्र में रूस के कब्जे वाले एक गांव में नव वर्ष समारोह के दौरान 24 लोग मारे गए और कम से कम 50 घायल हो गए। यह घटना कूटनीतिक शांति प्रयासों के बीच हो रही है।
वहीं, जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन पर 200 से अधिक ड्रोन दागकर अपने लगभग चार साल पुराने युद्ध को नए साल में भी जारी रखा है, और ये हमले मुख्य रूप से देश की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाकर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि रूस जानबूझकर नए साल में युद्ध लड़ रहा है।

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