बेहतर टीकों को रोका, घटिया वैक्सीन थोपी; बिल गेट्स पर सनसनीखेज आरोप कौन लगाया?
रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी अरबपति बिल गेट्स के फाउंडेशन ने निम्न-गुणवत्ता वाले या घटिया टीकों को बढ़ावा दिया और बेहतर टीकों के उपयोग में बाधा डाली।

क्या बिल गेट्स का फाउंडेशन सचमुच दुनिया के टीकाकरण को कंट्रोल कर रहा था? रूसी अधिकारी किरिल दिमित्रिएव ने अब जो खुलासा किया है, वह पूरी वैक्सीन इंडस्ट्री को हिला देने वाला है। आरोप है कि घटिया टीकों को प्रमोट किया गया, बेहतर विकल्पों को जानबूझकर रोका गया, और सब कुछ फंडिंग, मीडिया और सरकारी दबाव के जरिए। दिमित्रिएव के आरोप के बाद अब कई सवाल उठने लगे हैं।
दिमित्रिएव ने क्या कहा?
रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (IDIF) के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी अरबपति बिल गेट्स के फाउंडेशन ने निम्न-गुणवत्ता वाले या घटिया टीकों को बढ़ावा दिया और बेहतर टीकों के उपयोग में बाधा डाली। दिमित्रिएव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि गेट्स फाउंडेशन ने फंडिंग, अनुमोदन प्रक्रिया, सरकारी समर्थन और मीडिया प्रभाव के माध्यम से वैश्विक स्तर पर टीकों पर व्यापक नियंत्रण स्थापित कर लिया।
लोगों को किया गया भ्रमित
उन्होंने कहा कि लोगों को 'भ्रमित' किया गया (ब्रेनवॉश किया गया) और बेहतर टीकों को अपनाने से रोका गया, जिससे वे जीवन बचा सकें। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें गेट्स के दिवंगत वित्तीय कारोबारी और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से कथित संबंधों का जिक्र था। बता दें कि दिमित्रिएव ने ही रूसी कोविड-19 वैक्सीन स्पूतनिक वी के विपणन प्रयासों का नेतृत्व किया था। उन्होंने एपस्टीन मामले से जुड़ी प्रकाशित सामग्री के बाद गेट्स की वैक्सीन से संबंधित गतिविधियों की जांच की मांग भी की है।
गौरतलब है कि अमेरिकी उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने 30 जनवरी को एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेजों के प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी होने की घोषणा की थी। जारी किए गए डेटा की कुल मात्रा 35 लाख फाइलों से अधिक बताई गई है। 2019 में एपस्टीन पर अमेरिका में नाबालिगों की तस्करी के आरोप लगाए गए थे। उसी वर्ष जुलाई में जेल में उसकी मौत हो गई थी, जिसे जांच में आत्महत्या करार दिया गया था।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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