दूसरों के झगड़े सुलझाने चला पाकिस्तान, लेकिन अफगानिस्तान से तनाव पर खामोश

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, मॉस्को
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पाकिस्तान, अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में चौधरी बनने चला है। वह इस युद्ध में मध्यस्थता करके शांतिदूत बनने की मंशा पाले हुए है। लेकिन अफगानिस्तान के तनाव पर वह पूरी तरह से खामोश है। यहां तक वह रूस के मध्यस्थता करने संबंधी सवालों का जवाब भी नहीं दे रहा है।

दूसरों के झगड़े सुलझाने चला पाकिस्तान, लेकिन अफगानिस्तान से तनाव पर खामोश

पाकिस्तान, अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में चौधरी बनने चला है। वह इस युद्ध में मध्यस्थता करके शांतिदूत बनने की मंशा पाले हुए है। लेकिन अफगानिस्तान के तनाव पर वह पूरी तरह से खामोश है। यहां तक वह रूस के मध्यस्थता करने संबंधी सवालों का जवाब भी नहीं दे रहा है। इस बारे में रूस का बयान आया है। इसके मुताबिक रूस ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। अब तक दोनों देशों में से हालांकि किसी भी पक्ष ने इसकी औपचारिक मांग नहीं की है। रूसी विदेश मंत्रालय के सलाहकार और अफगानिस्तान के लिए राष्ट्रपति के विशेष दूत ज़मीर काबुलोव ने कहाकि यदि दोनों पक्ष अनुरोध करते हैं तो रूस मध्यस्थता के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिली है।

कई हवाई हमले
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में संदिग्ध आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कई नागरिकों की मौत और कई लोग घायल हुए। इसके जवाब में 26 फरवरी को अफगानिस्तान ने डूरंड रेखा (दोनों देशों के बीच विवादित सीमा) के पास पाकिस्तानी ठिकानों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया था। पाकिस्तान ने इसे ‘बिना उकसावे की गोलाबारी’ बताते हुए जवाबी कार्रवाई के तौर पर ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ शुरू करने की घोषणा की थी। इस तरह दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है, जिसे कम करने के लिए रूस ने अब मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पेशकश की है।

संघर्ष विराम के बाद फिर छिड़ी वॉर
गौरतलब है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर अस्थायी युद्धविराम खत्म होने के बाद बुधवार को एक बार फिर हमले शुरू हो गए। इस संघर्ष में अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में कम से कम दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। अफगान तालिबान अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में सूचना और संस्कृति विभाग के प्रवक्ता जिया-उर-रहमान स्पिंगहर ने बताया कि मुस्लिमों के त्योहार ईद-उल-फितर से पहले दोनों पक्षों ने संक्षिप्त संघर्षविराम की घोषणा की थी। इसके खत्म होते ही पाकिस्तानी बलों ने नराई और सरकानो जिलों में दर्जनों तोप के गोले दागे, जिससे दो नागरिकों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए, जिसके बाद अफगान सीमा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

एक-दूसरे पर हमले
स्पिंगहर ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तान की तीन सैन्य चौकियों को तबाह कर दिया और एक व्यक्ति को मार गिराया। हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। पाकिस्तान की सेना की ओर से इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। इस बीच, उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान के एक स्थानीय अधिकारी ने अफगान बलों पर कई क्षेत्रों में गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगाया। सऊदी अरब, तुर्किए और कतर के अनुरोध पर अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों पर रोक को लेकर दोनों पक्षों के सहमति जताने के करीब एक सप्ताह बाद ये हमले हुए हैं।

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लेखक के बारे में

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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