ईरान में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट, रेजा पहलवी का दावा- लोगों ने मुझे लीड करने को कहा
क्राउन प्रिंस ने एक व्यवस्थित संक्रमण का वादा किया है। उन्होंने कहा कि वे प्रशासनिक ढांचे और लोक सेवकों को बनाए रखेंगे ताकि देश में स्थिरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि भविष्य का फैसला मतपेटी से होगा।

ईरान के अंतिम शाह के बेटे और निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी कर मध्य पूर्व के अरब देशों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। पहलवी ने इन हमलों को संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन बताते हुए घोषणा की कि उन्होंने ईरानी जनता के उस जनादेश को स्वीकार कर लिया है, जो उन्हें इस्लामिक गणराज्य के पतन के बाद देश का नेतृत्व करने के लिए दिया गया है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, इराक और सऊदी अरब पर दागी गई मिसाइलें इस शासन की दशकों पुरानी आक्रामक नीति का हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, "इस्लामिक गणराज्य ने हमारे अरब पड़ोसियों को निशाना बनाया है। यह इस शासन का असली चेहरा है जिसने पाँच दशकों से क्षेत्र में रक्तपात और अराजकता फैला रखी है। यह अब समाप्त होना चाहिए।"
अराजकता नहीं, व्यवस्थित परिवर्तन
क्राउन प्रिंस ने एक व्यवस्थित संक्रमण का वादा किया है। उन्होंने कहा कि वे प्रशासनिक ढांचे और लोक सेवकों को बनाए रखेंगे ताकि देश में स्थिरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि भविष्य का फैसला मतपेटी से होगा। विचारधारा के निर्यात के बजाय पारस्परिक सम्मान और साझा हितों पर आधारित कूटनीति की बात उन्होंने की। शासन के गिरने के बाद वे परिवर्तन प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे।
अरब जगत से सहयोग की अपील
पहलवी ने अरब देशों से आह्वान किया कि वे भविष्य की 'संक्रमणकालीन सरकार' को मान्यता देने और उसके साथ जुड़ने के लिए तैयार रहें। उन्होंने एक ऐसे मध्य पूर्व के निर्माण का आह्वान किया जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया महायुद्ध की आग में जल रहा है।
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई और शीर्ष सैन्य कमांडरों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी अड्डों और इजरायली संपत्तियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है, जिससे युद्ध का दायरा और बढ़ गया है।
ईरान के भीतर की स्थिति
जहां एक ओर तेहरान में बमबारी जारी है, वहीं दूसरी ओर अस्थायी परिषद सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पहलवी का यह दावा कि जनता ने उन्हें चुना है, ईरान के भीतर मौजूद असंतोष और शासन के खिलाफ उठती आवाजों को एक नई दिशा दे सकता है।
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