रिपब्लिकन को मध्यावधि चुनाव की चिंता, कांग्रेस के कार्यकाल में दो हफ्तों की छंटनी, ट्रंप को झटका?
अमेरिका में ट्रंप की रिपब्लिकंस पार्टी ने समय से दो हफ्ते पहले ही कांग्रेस को बंद करने का फैसला लिया है। पार्टी के इस फैसले के पीछे मध्यावधि चुनाव की तैयारियों को बताया जा रहा है।

अमेरिका की राजनीति में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी नेतृत्व ने सांसदों को अपने गृह क्षेत्र में लौटाने के लिए प्रतिनिधि सभा (अमेरिकी कांग्रेस) के आखिरी दो हफ्तों के कार्यकाल को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद पूरे सितंबर के लिए तय लेजिस्लेटिव कैलेंडर काफी छोटा हो गया है। सत्ताधारी रिपब्लिकन नेतृत्व की तरफ से लिए गए इस फैसले के बाद सांसदों को अपने गृह क्षेत्र में जाकर मतदाताओं के साथ मध्यावधि चुनाव के लिए समय मिल जाएगा। लेकिन इससे सदन गतिविधियां सीमित हो जाएंगी। हालांकि, इस फैसले के साथ कहा गया है कि अगर जरूरत पड़ती है, तो सदन को वापस बुलाया जा सकता है। लेकिन इसकी संभावना कम है।
रिपब्लिकन नेतृत्व की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब खबरें आ रही थी कि सांसद अपने चुनावी कैंपेन में वापस जाने के लिए पार्टी के ऊपर दबाव डाल रहे थे। सदन के आखिरी दो सप्ताह के कार्यकाल के रद्द होने के बाद सभी सांसद 17 सितंबर से अपने-अपने गृह जिलों में लौट जाएंगे। इसके बाद वह सीधा नवंबर के बाद ही सदन में वापस आएंगे।
ट्रंप के लिए झटका है यह फैसला?
हालांकि, इस कदम को ट्रंप प्रशासन के लिए कोई झटका नहीं कहा जा सकता। क्योंकि कांग्रेस के बंद होने के बाद भी वह फैसले ले सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी प्रशासन द्वारा संभावित रूप से लाए जाने बिलों के पास होने की गति धीमी हो सकती है, जिससे ट्रंप प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।
रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हो मध्यावधि चुनाव की चिंता
रिपब्लिकन नेताओं की तरफ से सदन की कार्यकाल को रद्द करके वापस अपने क्षेत्र में लौटने का फैसला यह दिखाता है कि अब उनके लिए सदन की कार्यवाही से ज्यादा जरूरी मध्यावधि चुनाव हैं। वह वाशिंगटन में बैठकर कानून बनाने की बजाए अपने क्षेत्र के मतदाताओं से मिलना ज्यादा जरूरी समझते हैं।
मध्यावधि चुनाव के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए बदल सकते हैं हालात
मध्यावधि चुनाव अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए भी जरूरी हैं। अगर इस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में बहुमत गंवा देती है, तो स्थिति काफी बदल जाएगी। हालांकि, इसका ट्रंप के फैसलों पर ज्यादा असर नहीं होगा। लेकिन उनके काम अटक सकते हैं। डेमोक्रेटिक सांसद अपने बहुमत का प्रयोग कर फैसलों की गति को धीमा कर सकते हैं, जिससे राष्ट्रपति की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
लेकिन इस चुनाव का एक दूसरा पहलू यह है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी मजबूत होकर आती है, तो ईरान युद्ध में उलझे ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के लिए यह अमेरिकी जनता का समर्थन दिखा सकता है। क्योंकि वर्तमान में ईरान युद्ध और बढ़ती क्रूड ऑयल कीमतों ने ट्रंप की लोकप्रियता पर एक बड़ा धब्बा लगाया है।
बता दें, नवंबर 2026 में अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं। यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा टेस्ट साबित होंगे। रिपब्लिकन पार्टी इसी की तैयारी कर रही है।


