रमजान पर अल-अक्सा मस्जिद को लेकर इजरायल का बड़ा फैसला, पर एक शर्त भी लगा दी

Feb 18, 2026 04:17 pm ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, तेल अवीव
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यहूदी भी इस परिसर पर दावा करते हैं और उसे टेंपल माउंट मानते हैं। मिडल ईस्ट में बुधवार से रमजान की शुरुआत हुई है। ऐसे में रमजान से पहले इजरायल का यह फैसला अहम माना जा रहा है। लेकिन इजरायल ने इस अनुमति में भी एक शर्त लगा दी है।

रमजान पर अल-अक्सा मस्जिद को लेकर इजरायल का बड़ा फैसला, पर एक शर्त भी लगा दी

इजरायल ने रमजान के मौके पर बड़ा फैसला लिया है। बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने रमजान के दौरान जुम के मौके पर 10 हजार फिलिस्तीनी मुसलमानों को अल अक्सा मस्जिद में नमाज पढ़ने की परमिशन दी है। यह मस्जिद पूर्वी यरूशलम में स्थित है और इसे मुसलमान अपने तीसरे सबसे पवित्र स्थल के तौर पर मानते हैं। वहीं यहूदी भी इस परिसर पर दावा करते हैं और उसे टेंपल माउंट मानते हैं। मिडल ईस्ट में बुधवार से रमजान की शुरुआत हुई है। ऐसे में रमजान से पहले इजरायल का यह फैसला अहम माना जा रहा है। लेकिन इजरायल ने इस अनुमति में भी एक शर्त लगा दी है।

उसका कहना है कि ऐसे ही मुसलमान पुरुषों को अल-अक्सा मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति होगी, जिनकी आयु 55 साल से अधिक हो। इसके अलावा महिलाएं भी आ सकती हैं, लेकिन उनकी आयु भी 50 साल से अधिक होनी चाहिए। बच्चों के लिए यह आयु सीमा 12 साल की ही रखी गई है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार टेंपल माउंट में जुमे की नमाज के लिए 10 हजार लोगों को आने की परमिशन होगी। इसके लिए उन लोगों को पहले से डेली परमिट बनवाना होगा। बिना परमिट के किसी को भी नमाज के लिए आने की परमिशन नहीं होगी।

बुजुर्ग नमाजियों को ही एंट्री, इजरायल का क्या है आदेश

सेना ने कहा कि ऐसे पुरुष ही आ सकेंगे, जो 55 साल से अधिक आयु के हों। इसके अलावा महिलाओं के लिए आयु सीमा 50 साल है। 12 साल तक के बच्चे भी अल-अक्सा मस्जिद में नमाज के लिए आ सकते हैं, लेकिन उन्हें फर्स्ट डिग्री रिलेटिव के साथ ही आने की परमिशन होगी। फर्स्ट डिग्री रिलेटिव का अर्थ माता-पिता, भाई या बहन से होता है, जिससे व्यक्ति का कम से कम 50 फीसदी डीएनए मिलता है। अल-अक्सा मस्जिद और उसके आसपास के इलाके पर 1967 से ही इजरायल का नियंत्रण है। फिलहाल यहां प्रशासन भी इजरायल का ही चलता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि इस मस्जिद का मैनेजमेंट जॉर्डन के वक्फ बोर्ड के द्वारा होता है।

मस्जिद के इमाम ने ही लगा दिया इजरायल पर बड़ा आरोप

इस बीच फिलिस्तीन की ओर से आरोप लगाया गया है कि इजरायल ने अल-अक्सा मस्जिद में तैयारियों को बाधित किया है। जॉर्डन के वक्फ बोर्ड की ओर से मस्जिद के बाहर टेंट आदि लगाया जा रहा था और मेडिकल क्लीनिक खोला जा रहा था। इसे इजरायल की ओर से रोकने का प्रयास किया गया। यही नहीं अल-अक्सा मस्जिद के सीनियर इमाम शेख मुहम्मद अल-अब्बासी ने कहा कि उन्हें भी अल-अक्सा मस्जिद में एंट्री करने से रोका गया। मुझे मस्जिद में आने से एक सप्ताह के लिए रोका गया है और कहा गया है कि इस आदेश को बढ़ाया भी जा सकता है।

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