कतर की किस्मत बदलने वाले पूर्व अमीर हमद अल थानी का निधन, पीएम मोदी ने भी जताया दुख
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिल खलीफा अल थानी का निधन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्हें कतर की किस्मत बदलने के लिए जाना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शेख हमद को एक दूरदर्शी राजनेता बताया जिन्होंने कतर को एक समृद्ध और आधुनिक राष्ट्र में बदलने के साथ-साथ भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों भी मजबूत किया था। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किए गए एक शोक संदेश में शेख हमद को श्रद्धांजलि दी और कतर के नेतृत्व, शाही परिवार और वहां की जनता के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
पीएम मोदी ने लिखा, "हम कतर के श्री शेख हमद के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक ऐसे दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के नए शिखरों पर पहुंचाया। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी पिछली कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान मिला था।" प्रधानमंत्री ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
18 साल रहे कतर के अमीर
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने साल 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं, जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सत्ता सौंप दी थी। उन्हें कतर को एक वैश्विक आर्थिक और राजनयिक शक्ति में बदलने का व्यापक श्रेय दिया जाता है। उनके शासनकाल के दौरान, कतर ने अपने विशाल प्राकृतिक गैस संसाधनों के दम पर तेजी से आर्थिक प्रगति की, अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को बढ़ाया और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मामलों में एक प्रमुख देश के रूप में उभरा।
प्रधानमंत्री ने फरवरी 2024 में कतर की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान शेख हमद से मुलाकात की थी, जो भारत-कतर संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई थी। उस यात्रा के परिणामस्वरूप व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और आपसी तालमेल सहित द्विपक्षीय सहयोग को एक नई गति मिली थी। भारत और कतर के बीच लंबे समय से गहरे संबंध हैं, जिसमें कतर भारत के प्रमुख ऊर्जा भागीदारों में से एक है। इसके साथ ही कतर में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं जो वहां के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
पीएम मोदी का यह संदेश आधुनिक कतर के निर्माता के रूप में शेख हमद की स्थायी विरासत और भारत तथा इस खाड़ी देश के बीच लगातार मजबूत होते जा रहे करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को दर्शाता है।
कैसे बदल दी थी कतर की तस्वीर
2022 में कतर ने पुरुषों के फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी की थी। उनके ही कार्यकाल में कतर में स्थायी संविधान लागू किया गया और महिालओं को वोट देने का अधिकार मिला। इसके अलावा नगरपालिका चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनने का भी अधिकार मिला। 2013 में उन्होंने सत्ता की जिम्मेदारी बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी। उनक शासन का में जीडीपी 24 गुना बढ़ गई और कतर एलएनजी का सबसे ब़ड़ा निर्यातक बन गया। जब वह कतर के अमीर बने थे तो देश पर काफी कर्ज था। उन्होंने विदेशी कंपनियों से पार्टनरशिप की और एलएनजी तकनीक को विकसित करने में पूरा जोर लगा दिया।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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