
भारत को दी थी टैरिफ की धमकी, पुतिन इसलिए ट्रंप से मिलने आए: अमेरिकी सीनेटर
डोनाल्ड ट्रंप भारत पर 25+25 फीसदी यानी कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा चुके हैं। साथ ही शुरुआती ऐलान में अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल की खरीद के चलते जुर्माना भी लगाया था। उन्होंने भारत और रूस की अर्थव्यवस्था को 'मरी हुई' करार दिया था।
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का दावा है कि भारत पर 50 फीसदी टैरिफ की धमकी के बाद अलास्का मीटिंग हुई थी। हाल ही में अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप की बैठक हुई थी। सोमवार को पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। खबर है कि बातचीत के दौरान पीएम मोदी को अलास्का में हुई मीटिंग के बारे में जानकारी दी गई।
ग्राहम ने कहा, 'पुतिन सिर्फ इसलिए अलास्का आए थे, क्योंकि ट्रंप ने भारत के खिलाफ 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी थी। अगर हम रूसी तेल के ग्राहकों के पीछे जाएंगे और उनसे अमेरिका की अर्थव्यवस्था और सस्ते रूसी तेल में से कुछ चुनने के लिए कहेंगे, तो वह अमेरिका की अर्थव्यवस्था का चुनाव करेंगे।'
खास बात है कि ट्रंप भारत पर 25+25 फीसदी यानी कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा चुके हैं। साथ ही शुरुआती ऐलान में अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल की खरीद के चलते जुर्माना भी लगाया था। उन्होंने भारत और रूस की अर्थव्यवस्था को 'मरी हुई' करार दिया था। साथ ही कहा था कि भारत ने रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन में चल रहे युद्ध में रूस की मदद की है।
ग्राहम पहले भी उगल चुके जहर
जुलाई में ग्राहम ने कहा था, 'मैं चीन, भारत और ब्राजील को कहना चाहूंगा कि अगर आप इस युद्ध को जारी रखने के लिए सस्ता रूसी तेल खरीदना जारी रखते हैं, तो हम आपकी हालत खराब कर देंगे और हम आपकी अर्थव्यवस्था को तबाह कर देंगे, क्योंकि जो आप कर रहे हैं वो ब्लड मनी है।' उन्होंने कहा, 'आप दुनिया की कीमत पर सस्ता तेल खरीद रहे हैं और राष्ट्रपति ट्रंप अब इस खेल से थक गए हैं।'
भारत और रूस की बात
राष्ट्रपति पुतिन ने सोमवार को पीएम मोदी को फोन कर उन्हें अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई शिखर वार्ता की जानकारी दी तथा यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के दीर्घकालिक समाधान की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की गत 10 दिनों में फोन पर यह दूसरी बातचीत थी। इस दौरान मोदी ने पुतिन को यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर भारत के दृढ़ रुख से अवगत कराया तथा कहा कि वह इस संबंध में सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
ट्रंप और पुतिन ने शुक्रवार को अमेरिकी राज्य अलास्का में लगभग तीन घंटे तक बातचीत की थी, लेकिन यह शिखर सम्मेलन युद्धविराम समझौते के बिना समाप्त हो गया। मोदी और पुतिन ने यह बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप की व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और कई प्रमुख यूरोपीय नेताओं के साथ होने वाली अहम बैठक से कुछ घंटे पहले की।

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