नेपाल में नई सरकार ने भारतीय सामानों पर लिया ऐसा फैसला कि भड़क गए लोग, जोरदार प्रदर्शन
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राजस्व में हो रहे नुकसान को रोकना और अवैध आयात पर नियंत्रण करना है। इसके लिए सीमा चौकियों पर सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लोगों के सामान की सख्ती से जांच की जा रही है।

नेपाल में भारतीय सामान पर सख्ती के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। दरअसल, नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले 100 नेपाली रुपये (लगभग 60-65 भारतीय रुपये) से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी लगाने के नियम को सख्ती से लागू करना शुरू किया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों, खासकर बीरगंज और तराई क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारत से खरीदारी करते हैं।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राजस्व में हो रहे नुकसान को रोकना और अवैध आयात पर नियंत्रण करना है। इसके लिए सीमा चौकियों पर सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लोगों के सामान की सख्ती से जांच की जा रही है। यहां तक कि भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों की एंट्री पर भी नियंत्रण लगाया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे आम जनता को परेशानी हो रही है और छोटी-छोटी खरीदारी भी मुश्किल हो गई है।
आखिर क्यों भड़के हैं लोग
इन सख्त नियमों के विरोध में नेपाल के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मधेशी समुदाय के लोगों और युवाओं ने काठमांडू समेत कई जगहों पर प्रदर्शन कर सरकार के फैसले को वापस लेने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह नियम गरीब और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अन्यायपूर्ण है, क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भारत के साथ छोटे स्तर के व्यापार और खरीदारी पर निर्भर करती है।
इस फैसले का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के सीमावर्ती बाजारों पर भी पड़ा है। बिहार और उत्तराखंड जैसे राज्यों के कई बाजारों में कारोबार घट गया है, क्योंकि नेपाल के ग्राहक कम हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो दोनों देशों के बीच पारंपरिक सीमा व्यापार और लोगों के आपसी संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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