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अमेरिका की आबादी पर लगा ब्रेक! ट्रंप की सख्त नीतियों से लग सकती है लंका, लंबा असर

अमेरिका की आबादी पर लगा ब्रेक! ट्रंप की सख्त नीतियों से लग सकती है लंका, लंबा असर

संक्षेप:

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2056 तक अमेरिका की कुल आबादी बढ़ना बंद कर देगी और फिर लगभग स्थिर रहेगी। यदि आव्रजन न हो, तो 2030 से ही जनसंख्या घटने लगेगी क्योंकि मौतों की संख्या जन्मों से अधिक हो जाएगी।

Jan 08, 2026 09:48 am ISTAmit Kumar एपी, वाशिंगटन
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अमेरिका की जनसंख्या आने वाले 30 वर्षों में केवल 1.5 करोड़ बढ़ने का अनुमान है, जो पिछले वर्षों के अनुमानों की तुलना में काफी कम है। इसका मुख्य कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त प्रवासन नीतियां और अपेक्षित रूप से कम प्रजनन दर है। यह जानकारी गैर-दलीय कांग्रेसनल बजट ऑफिस (सीबीओ) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में दी।

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सीबीओ के अनुसार, इस वर्ष अमेरिका की जनसंख्या 34.9 करोड़ है, जो 30 वर्षों बाद बढ़कर 36.4 करोड़ हो जाएगी। यह वृद्धि पिछले वर्ष यानी 2025 के अनुमान से 2.2 प्रतिशत कम है। सितंबर में जारी संशोधित जनसांख्यिकी रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रंप के बड़े पैमाने पर निर्वासन और अन्य सख्त प्रवासन उपायों के कारण अगले 10 वर्षों में अमेरिका से लगभग 320,000 लोग हटाए जाएंगे।

2056 के बाद ठहराव, बिना आव्रजन आबादी घटेगी

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2056 तक अमेरिका की कुल आबादी बढ़ना बंद कर देगी और फिर लगभग स्थिर रहेगी। यदि आव्रजन न हो, तो 2030 से ही जनसंख्या घटने लगेगी क्योंकि मौतों की संख्या जन्मों से अधिक हो जाएगी। ऐसे में आव्रजन, जनसंख्या वृद्धि का सबसे अहम स्रोत बना रहेगा। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के जनसांख्यिकी विशेषज्ञ विलियम फ्रे ने कहा- भले ही ट्रंप प्रशासन के बाद आव्रजन पर लगी पाबंदियां खत्म हो जाएं, यह फिर भी एक बड़ा जनसांख्यिकीय झटका होगा।

सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर पर बढ़ेगा दबाव

सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर जैसी योजनाएं, जो पहले से ही बुजुर्ग होती जनसंख्या के कारण दबाव में हैं, अब और अधिक चुनौतियों का सामना करेंगी क्योंकि श्रम बल में कम लोग होंगे जो टैक्स चुकाएंगे। इस दशक के अंत तक, 1946 से 1964 के बीच जन्मे सभी बेबी बूमर्स 65 वर्ष से अधिक आयु के हो जाएंगे। कम प्रवासियों के श्रम बल में शामिल होने और प्रजनन दर के प्रतिस्थापन स्तर (रिप्लेसमेंट लेवल) से नीचे रहने के कारण, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में कम बच्चे पैदा होंगे।

निर्वासन अभियान और बजट

ट्रंप प्रशासन ने इतिहास का सबसे बड़ा सामूहिक निर्वासन अभियान चलाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। CBO के अनुमान ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में इन प्रयासों की सफलता को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। सरकार ने कुछ देशों के लिए वीजा बैन और अमेरिकी शहरों में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंटों की तैनाती जैसे उपाय अपनाए हैं।

इसके अलावा, जुलाई में संसद से पारित और ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित कर व व्यय कानून में अगले चार वर्षों के लिए लगभग 150 अरब डॉलर आव्रजन प्रवर्तन बढ़ाने के लिए आवंटित किए गए हैं। इसमें यूएस-मेक्सिको सीमा दीवार का विस्तार, डिटेंशन सेंटर्स का निर्माण और हजारों नए कानून प्रवर्तन कर्मियों की भर्ती शामिल है।

गिरती प्रजनन दर की चिंता

जनसंख्या अनुमान में प्रवासन हमेशा अनिश्चित कारक रहा है क्योंकि यह जन्मों और मौतों की तुलना में साल-दर-साल अधिक बदलता है। इस दशक में प्रवासन ने जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा दिया है क्योंकि जनसंख्या बुजुर्ग हो रही है और प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर से नीचे है। एक पीढ़ी को खुद को प्रतिस्थापित करने के लिए प्रजनन दर 2.1 होनी चाहिए, लेकिन 2026 में यह 1.58 रहने की उम्मीद है और 2036 तक गिरकर 1.53 हो जाएगी, जहां यह अगले दो दशकों तक बनी रहेगी।

आंकड़ों पर बहस

यूएस सेंसस ब्यूरो के अनुसार, 2024 में आव्रजन से आबादी में 28 लाख की वृद्धि हुई। हालांकि जनवरी 2025 में ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद, विशेषज्ञों को आव्रजन के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने में मुश्किल हो रही है। करंट पॉपुलेशन सर्वे के अनुमान बताते हैं कि जनवरी से नवंबर 2025 के बीच वयस्क आप्रवासियों की संख्या 18 लाख घटी, लेकिन इस पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह सर्वे में भागीदारी घटने का परिणाम हो सकता है, न कि वास्तविक संख्या में इतनी बड़ी गिरावट।

पिछले सितंबर CBO ने 2025 के लिए अपना आव्रजन अनुमान 16 लाख घटाया था। बुधवार को जारी आंकड़ों में कहा गया कि पिछले साल अमेरिका में 4.1 लाख नए आप्रवासी जुड़े। अनुमान के मुताबिक, 2030 तक आव्रजन धीरे-धीरे बढ़ेगा, फिर 2036 तक अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अस्थायी कामगारों की कमी के कारण धीमा पड़ेगा, और 2037 से 2056 के बीच औसतन 12 लाख प्रति वर्ष पर पहुंच जाएगा।

भविष्य की आबादी में आप्रवासियों की भूमिका

न्यू हैम्पशायर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ जनसांख्यिकीविद केनेथ जॉनसन के मुताबिक ये आप्रवासी न सिर्फ खुद श्रमबल में शामिल होते हैं, बल्कि निकट भविष्य में बच्चों की संभावना के जरिए अमेरिका की जनसंख्या वृद्धि में भी योगदान देते हैं। कुल मिलाकर, CBO की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका की जनसंख्या भविष्य में धीमी गति से बढ़ेगी, और देश की आर्थिक व सामाजिक स्थिरता के लिए आव्रजन पहले से कहीं अधिक निर्णायक भूमिका निभाएगा।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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