जिस क्रूज पर फैला हंता वायरस, वहां से जिंदा लाए गए 28 यात्री; इस देश के अस्पताल में हाई अलर्ट
हंतावायरस के प्रकोप से क्रूज पर 3 यात्रियों की मौत हो गई है। 28 यात्री नीदरलैंड्स लौट आए हैं। वहीं, संक्रमण के खतरे को देखते हुए एक डच अस्पताल ने अपने 12 कर्मचारियों को 6 हफ्ते के लिए क्वारंटाइन कर दिया है। जानिए WHO ने क्या कहा है।
हंतावायरस के प्रकोप का शिकार हुए 'MV होंडियस' क्रूज शिप से 28 यात्रियों को लेकर दो विमान मंगलवार को नीदरलैंड्स पहुंच गए हैं। इस बीच, हंतावायरस के एक मरीज का इलाज कर रहे डच अस्पताल ने एहतियात के तौर पर अपने 12 कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया है। इस जानलेवा संक्रमण से अब तक क्रूज पर तीन लोगों की जान जा चुकी है।
आधी रात के बाद नीदरलैंड्स पहुंचे यात्री
यात्रियों को लेकर आए दोनों विमान आधी रात के कुछ देर बाद आइंडहोवन एयरपोर्ट पर उतरे। इन 28 यात्रियों में आठ डच (नीदरलैंड्स) नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अन्य देशों के यात्री नीदरलैंड्स से अपने-अपने देशों के लिए आगे की यात्रा करेंगे।
डच अस्पताल के 12 कर्मचारी 6 हफ्ते के लिए क्वारंटाइन
निजमेगेन शहर के रेडबौडयूएमसी अस्पताल ने अपने 12 स्टाफ सदस्यों को छह सप्ताह के लिए एहतियातन क्वारंटाइन कर दिया है।
क्या हुई थी चूक: अस्पताल ने बताया कि 7 मई को यहां हंतावायरस से संक्रमित एक क्रूज यात्री को भर्ती किया गया था। इस मरीज के ब्लड और यूरिन सैंपल को नए और सख्त प्रोटोकॉल का पालन किए बिना ही हैंडल किया गया था।
हालांकि, अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण का खतरा बेहद कम है और मरीजों की देखभाल का काम बिना किसी रुकावट के जारी है। अस्पताल के कार्यकारी बोर्ड की अध्यक्ष बर्टिन लाहुइस ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हम पूरे मामले की सावधानीपूर्वक जांच करेंगे और इससे सबक लेंगे।
क्या है 'MV होंडियस' क्रूज की स्थिति?
शिप के मालिक 'ओशनवाइड एक्सपीडिशंस' के मुताबिक, क्रूज से सभी यात्रियों को उतार दिया गया है। 'MV होंडियस' सोमवार देर शाम 25 क्रू सदस्यों, एक डॉक्टर और एक नर्स के साथ नीदरलैंड्स के लिए रवाना हो गया है। इसके 17 मई तक नीदरलैंड्स पहुंचने की उम्मीद है।
अब तक 3 की मौत, WHO ने की 7 मामलों की पुष्टि
क्रूज पर आउटब्रेक शुरू होने के बाद से अब तक तीन लोगों (एक डच दंपति और एक जर्मन नागरिक) की मौत हो चुकी है। आमतौर पर यह वायरस जंगली चूहों से फैलता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में करीबी संपर्क में आने पर यह इंसान से इंसान में भी ट्रांसमिट हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को बताया कि हंतावायरस के 'एंडीज स्ट्रेन' के अब तक 7 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। 2 संदिग्ध मामले भी हैं। इनमें से एक व्यक्ति की जांच होने से पहले ही मौत हो गई। वहीं, दूसरा संदिग्ध मामला ट्रिस्टन दा कुन्हा (Tristan da Cunha) नामक एक दूरस्थ दक्षिण अटलांटिक द्वीप पर है, जहां जांच की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
फ्रांस और स्पेन के यात्रियों में भी संक्रमण
फ्रांस: रविवार को कैनरी द्वीप पर जहाज रुकने के बाद एक फ्रांसीसी यात्री भी पॉजिटिव पाया गया। फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को बताया कि हालत बिगड़ने के बाद यात्री को आईसीयू में रखा गया था, लेकिन अब वह स्थिर है।
स्पेन: मैड्रिड के एक सैन्य अस्पताल में क्वारंटाइन किए गए 14 स्पेनिश नागरिकों में से एक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। स्पेनिश स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मरीज में कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, अंतिम नतीजे की घोषणा से पहले उसकी आगे की जांच की जा रही है।
लेखक के बारे में
Amit Kumarडिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


