Hindi Newsविदेश न्यूज़Pakistanis are begging with bowls in hand causing concern in several countries more than 50,000 have been expelled
कटोरा लेकर भीख मांग रहे पाकिस्तानी, कई देश परेशान; 50 हजार से अधिक को बाहर निकाला

कटोरा लेकर भीख मांग रहे पाकिस्तानी, कई देश परेशान; 50 हजार से अधिक को बाहर निकाला

संक्षेप:

एफआईए डीजी ने कहा कि उमरा के बहाने यूरोप जाने की कोशिश कर रहे कई लोगों को तब रोका गया, जब उनके दस्तावेजों से यूरोपीय देशों में प्रवेश का इरादा सामने आया।

Dec 20, 2025 07:22 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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दुनिया पाकिस्तान प्रयोजित आतंकवाद से ही नहीं, बल्कि पाकिस्तानी भिखारियों से भी परेशान है। तंग आकर विभिन्न देशों से हजारों पाकिस्तानी नागरिकों को भीख मांगने के आरोप में निर्वासित किया गया। वहीं हजारों को अवैध यात्रा के संदेह में हवाई अड्डों पर ही रोक दिया गया। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की ओवरसीज पाकिस्तानियों और मानवाधिकारों पर स्थायी समिति की बैठक में एफआईए के महानिदेशक रिफ्फत मुख्तार राजा ने जानकारी दी। उन्होंने समिति को बताया कि इस वर्ष 51,000 पाकिस्तानियों को प्रवेश से वंचित किया गया।

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उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में निर्वासन की संख्या सबसे अधिक रही, जहां भीख मांगने के आरोप में 24,000 लोगों को वापस भेजा गया। यूएई ने भी इसी आधार पर 6,000 पाकिस्तानियों को निर्वासित किया, जबकि अजरबैजान से करीब 2,500 भिखारियों को बाहर किया गया। एफआईए डीजी ने कहा कि उमरा के बहाने यूरोप जाने की कोशिश कर रहे कई लोगों को तब रोका गया, जब उनके दस्तावेजों से यूरोपीय देशों में प्रवेश का इरादा सामने आया।

उन्होंने कहा, ‘सबूतों के आधार पर ऐसे यात्रियों को प्रवेश से वंचित किया गया।’ समिति को यह भी बताया गया कि इस वर्ष 24,000 पाकिस्तानी कंबोडिया गए, जिनमें से 12,000 अब तक वापस नहीं लौटे। वहीं, 4,000 लोग म्यांमार पर्यटक वीजा पर गए, जिनमें से लगभग 2,500 वापस नहीं आए।’

कड़े नियंत्रण से पासपोर्ट रैंकिंग में सुधार

एफआईए प्रमुख ने कहा कि कड़े नियंत्रण उपायों के चलते पाकिस्तान के पासपोर्ट रैंकिंग में सुधार हुआ है और यह 118वें स्थान से 92वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान पहले अवैध प्रवासन के मामलों में शीर्ष पांच देशों में शामिल था, लेकिन नीतियों में बदलाव के कारण स्थिति में सुधार आया है। इससे पहले, जनवरी में सऊदी अरब और अमेरिका सहित कई देशों से 200 से अधिक पाकिस्तानियों को एक सप्ताह के भीतर निर्वासित किया गया था। जियो न्यूज के मुताबिक, ये निर्वासन वीजा उल्लंघन, कानूनी समस्याओं और मानव तस्करी जैसे कारणों से हुए थे।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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