जलालाबाद में पाकिस्तानी फाइटर जेट क्रैश, अफगानिस्तान ने पायलट को बनाया बंदी
जलालाबाद में पाकिस्तानी विमान का गिरना और पायलट का पकड़ा जाना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सैन्य और कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।

Afghanistan-Pakistan War: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष अब एक घातक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार सुबह अफगानिस्तान के पूर्वी शहर जलालाबाद में एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने सनसनी फैला दी है। अफगान सैन्य और पुलिस सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) ने दावा किया है कि इस विमान के पायलट को अफगान सेना ने जीवित पकड़ लिया है और उसे बंदी बना लिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और एएफपी के पत्रकारों के अनुसार, शनिवार सुबह जलालाबाद शहर और विशेष रूप से हवाई अड्डे के पास दो बेहद शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज सुनी गई। धमाकों से ठीक पहले आसमान में एक जेट विमान के उड़ने की आवाज गूंजी थी, जिसके कुछ ही देर बाद विमान के क्रैश होने की सूचना मिली। जलालाबाद नंगरहार प्रांत की राजधानी है, काबुल और पाकिस्तानी सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित एक रणनीतिक केंद्र है। यहां हुई यह कार्रवाई सीधे तौर पर पाकिस्तान की सैन्य पहुंच और अफगानिस्तान के कड़े प्रतिरोध को दर्शाती है।
पाकिस्तान का सख्त रुख: यह युद्ध हम ही जीतेंगे
इस बीच, पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान के प्रति अपने कड़े रुख को और स्पष्ट कर दिया है। पाकिस्तान के राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान कहा कि जब तक तालिबान अपनी "गुरिल्ला मानसिकता" नहीं छोड़ता, पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा।
चौधरी ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा, “तालिबान नेतृत्व का रवैया हमारे प्रति शेष विश्व की तुलना में बिल्कुल अलग है। यह युद्ध जीता जाएगा और इसका अंत निश्चित है। अगर यह सीधे रास्ते से नहीं सुलझा, तो हम 'कठोर दृष्टिकोण' अपनाकर इसे पूरी तरह समाप्त कर देंगे।”
एक तरफ जहां सीमा पर तोपें और विमान गरज रहे हैं, वहीं अफगानिस्तान का विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने में जुटा है। विदेश मंत्रालय के दूसरे राजनीतिक निदेशक जाकिर जलाली ने बताया कि अफगानिस्तान वैध और जिम्मेदार सैन्य अभियान चलाने के साथ-साथ सक्रिय कूटनीति का भी सहारा ले रहा है।
अफगान अधिकारियों ने तुर्किये, कतर और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ विस्तृत परामर्श किया है। तालिबान प्रशासन इन देशों के माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि उनकी सैन्य कार्रवाई केवल पाकिस्तानी घुसपैठ के जवाब में की जा रही रक्षात्मक कार्रवाई है।
शुक्रवार को तालिबान वायुसेना द्वारा इस्लामाबाद के करीब किए गए हमलों के बाद शनिवार की यह घटना आग में घी डालने का काम कर रही है। जलालाबाद में पाकिस्तानी विमान का गिरना और पायलट का पकड़ा जाना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सैन्य और कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच संवाद पूरी तरह टूट चुका है और अब यह संघर्ष केवल सीमाई झड़प न रहकर एक पूर्ण युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है। जलालाबाद और आसपास के इलाकों में नागरिक आबादी के बीच भारी दहशत है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
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