Hindi Newsविदेश न्यूज़Pakistani arms smuggler sentenced to 40 years in US for selling Iranian missile parts to Houthis
पाकिस्तानी हथियार तस्कर को 480 महीने की सजा, हूती विद्रोहियों को दे रहा था बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे

पाकिस्तानी हथियार तस्कर को 480 महीने की सजा, हूती विद्रोहियों को दे रहा था बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे

संक्षेप:

पाकिस्तानी हथियार तस्कर को अमेरिका में पांच मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद 40 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वह ईरान से यमन के हूती विद्रोहियों तक बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे तस्करी करने के लिए मछली पकड़ने वाले जहाज का इस्तेमाल करता था।

Oct 20, 2025 06:22 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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पाकिस्तानी हथियार तस्कर को अमेरिका में पांच मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद 40 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वह ईरान से यमन के हूती विद्रोहियों तक बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे तस्करी करने के लिए मछली पकड़ने वाले जहाज का इस्तेमाल करता था। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, 49 वर्षीय मुहम्मद पहलवान को जनवरी 2024 में अरब सागर में अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई में दो नौसेना सील कमांडो शहीद हो गए थे।

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अमेरिकी अदालती दस्तावेजों के अनुसार, जहाज पर सवार चालक दल के सदस्यों ( जिन्होंने खुद को मछुआरा बताया था) ने गवाही दी कि उन्हें धोखे से इस अभियान में शामिल किया गया और असल मंसूबे की जानकारी नहीं दी गई। उसी समय हूती समूह ने इजरायल पर मिसाइल व ड्रोन हमले तेज कर दिए थे। अभियोजकों ने जोर देकर कहा कि पहलवान के जहाज पर जब्त पुर्जे ईरान द्वारा अन्य आतंकी गुटों को सप्लाई की जाने वाली सबसे उन्नत हथियार प्रणालियों के थे। उसे आतंकवाद से जुड़े अपराधों और सामूहिक विनाश के हथियारों की तस्करी के पांच मामलों में दोषी करार दिया गया, जिसके लिए कुल 480 महीने (40 साल) की सजा हो गई।

जियो न्यूज के अनुसार, मुकदमे में गवाही देने वाले आठ चालक दल सदस्यों ने दावा किया कि उन्हें नाव पर लदे विशाल पैकेटों की असल सामग्री ( जो बैलिस्टिक मिसाइल घटक साबित हुए) के बारे में जरा भी अंदाजा नहीं था। गिरफ्तारी से ठीक पहले पाकिस्तान में अपनी पत्नी को भेजे टेक्स्ट मैसेज में पहलवान ने खुद को 'चलता-फिरता लाश' करार दिया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पहलवान को ईरानी भाइयों यूनुस और शाहब मीरकाजी ( जो एक बड़े तस्करी नेटवर्क के संचालक हैं) द्वारा 140 करोड़ रियाल (लगभग 25,200 पाउंड या 33,274 डॉलर) का भुगतान किया गया था।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मीरकाजी भाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े हुए हैं। पहलवान ने गिरफ्तारी से पहले दो सफल तस्करी की थी ( एक अक्टूबर 2023 में और दूसरी नवंबर में)। उसके साथ शामिल दर्जन भर पाकिस्तानी युवक ईरान की सीमा पार रोजगार की तलाश में आए थे। जियो न्यूज के अनुसार, दिसंबर की उस यात्रा से पहले चालक दल को ईरान के दक्षिणी बंदरगाह चाबहार में जहाज पर भारी पैकेट लादने का आदेश दिया गया था।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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