Hindi Newsविदेश न्यूज़Pakistan wants to remove 18% GST on condoms but the IMF rejected request
कंडोम पर GST हटाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा पाकिस्तान, IMF ने एक नहीं सुनी

कंडोम पर GST हटाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा पाकिस्तान, IMF ने एक नहीं सुनी

संक्षेप:

GST on Condom in Pakistan: ये फैसले ऐसे समय में आए हैं, जब पाकिस्तान गंभीर जनसांख्यिकीय संकट का सामना कर रहा है। देश की जनसंख्या वृद्धि दर करीब 2.55 प्रतिशत है, जिससे हर साल लगभग 60 लाख लोग आबादी में जुड़ जाते हैं।

Dec 19, 2025 07:44 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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GST on Condom in Pakistan: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान सरकार की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें गर्भनिरोधक (Condom) उत्पादों पर लगाए गए 18 प्रतिशत सामान्य बिक्री कर (GST) को तुरंत खत्म करने का आग्रह किया गया था। IMF के इस फैसले को देश में जन्म नियंत्रण को सस्ता बनाने की सरकारी कोशिशों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आबादी वाले देशों में शामिल है।

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IMF का कहना है कि गर्भनिरोधकों पर किसी भी तरह की कर छूट या टैक्स कटौती पर विचार अगले बजट के दौरान ही किया जा सकता है। फंड ने चेतावनी दी कि इस तरह की छूट से कर वसूली व्यवस्था कमजोर हो सकती है और तस्करी का खतरा भी बढ़ सकता है। पाकिस्तान इस समय IMF के चल रहे बेलआउट कार्यक्रम के तहत संशोधित राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) ने वॉशिंगटन स्थित IMF मुख्यालय को ईमेल और वर्चुअल बैठक के जरिए GST से छूट का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव के अनुसार, सरकार को 40 से 60 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान था। हालांकि IMF ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। IMF ने महिलाओं के स्वच्छता पैड और शिशु डायपर पर टैक्स राहत देने के प्रस्तावों का भी विरोध किया है।

ये फैसले ऐसे समय में आए हैं, जब पाकिस्तान गंभीर जनसांख्यिकीय संकट का सामना कर रहा है। देश की जनसंख्या वृद्धि दर करीब 2.55 प्रतिशत है, जिससे हर साल लगभग 60 लाख लोग आबादी में जुड़ जाते हैं। इससे सार्वजनिक सेवाओं और आम लोगों की आय पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

पाकिस्तान फिलहाल IMF के बेलआउट कार्यक्रम के तहत है, जिसमें टैक्स, सरकारी खर्च और राजस्व संग्रह को लेकर कड़ी शर्तें लागू हैं। अब तक IMF करीब 3.3 अरब डॉलर की राशि जारी कर चुका है, जबकि बाद में 1.2 अरब डॉलर की अतिरिक्त मंजूरी भी दी गई है।

पाकिस्तान का तर्क रहा है कि IMF के दबाव में पेश किए गए लगातार ‘मिनी बजट’ के जरिए लगाया गया 18 प्रतिशत GST आवश्यक प्रजनन स्वास्थ्य उत्पादों को गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए महंगा बना रहा है और इन्हें लगभग लग्जरी वस्तुओं की श्रेणी में डाल दिया गया है।

Himanshu Jha

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Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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