भारत से नहीं जीत पाया तो खुन्नस में अफगानिस्तान से भिड़ बैठा था पाकिस्तान, रिपोर्ट में दावा

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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पाकिस्तान ने फरवरी में कहा था कि अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुली जंग' जारी है। पाकिस्तानी सेना ने 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' के तहत अफगानिस्तान में कई स्थानों पर हमले शुरू करने के कुछ घंटों बाद उनकी यह टिप्पणी आई थी।

भारत से नहीं जीत पाया तो खुन्नस में अफगानिस्तान से भिड़ बैठा था पाकिस्तान, रिपोर्ट में दावा

ऑपरेशन सिंदूर में हार का सामना करने के बाद पाकिस्तान ने जान बूझकर अफगानिस्तान को निशाना बनाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या TTP ने ये आरोप लगाए हैं। टीटीपी के आरोप हैं कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपनी छवि सुधारने के लिए अफगानिस्तान के साथ तनाव बढ़ाया था। फरवरी में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्ट्राइक्स के बाद युद्ध जैसे हालात हो गए थे।

पाकिस्तान पर टीटीपी के आरोप

सीएनएन न्यूज18 के अनुसार, टीटीपी की मैगजीन Mujallah Taliban के 11वें अंक में मुनीर पर कई आरोप लगाए हैं। इसमें कहा गया है कि मुनीर ने अफगानिस्तान को भारत की तुलना में एक आसान निशाना समझा। मई 2025 में भारत के साथ हुए टकराव में हार और दुनिया भर में भारत के बढ़ते समर्थन को देखते हुए उन्होंने यह रास्ता चुना। दावा किया जा रहा है कि ऐसा करने के पीछे उनका मकसद अपनी सैन्य कामयाबी दिखाना और अपने देश में अपनी पकड़ को और मजबूत करना था।

अमेरिका से भी जोड़े तार

रिपोर्ट के मुताबिक, टीटीपी ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व पर अमेरिका के साथ मिलीभगत की अपनी पुरानी आदत जारी रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि फरवरी 2026 में अफगान शहरों में किए गए हवाई हमले उग्रवाद को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका को खुश करने और उसकी चिंताओं को दूर करने के लिए किए गए थे।

खुली जंग का किया था ऐलान

पाकिस्तान ने फरवरी में कहा था कि अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुली जंग' जारी है। पाकिस्तानी सेना ने 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' के तहत अफगानिस्तान में कई स्थानों पर हमले शुरू करने के कुछ घंटों बाद उनकी यह टिप्पणी आई थी। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि सीमा पार से 'बिना उकसावे के गोलीबारी' के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने ये हमले किए थे। दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को 'डूरंड रेखा' कहा जाता है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता।

ऑपरेशन सिंदूर

बीते साल अप्रैल में आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में 26 सैलानियों की गोलीबारी कर हत्या कर दी थी। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल संधि रोकने समेत कई फैसले लिए थे। वहीं, 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर का आगाज किया था। इसके तहत पाकिस्तानी सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर आतंकवादियों के ठिकाने तबाह किए गए थे।

पहलगाम की बरसी पर भारतीय सेना ने एक बार फिर पोस्टर जारी कर चेतावनी दी थी। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कह चुके हैं कि अभी ऑपरेशन सिंदूर जारी है।

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निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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