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कश्मीर पर पाकिस्तान को झटका, मुस्लिम देश ने भी नहीं दिया साथ; एक पैरा में 15 बार जिक्र

कश्मीर पर पाकिस्तान को झटका, मुस्लिम देश ने भी नहीं दिया साथ; एक पैरा में 15 बार जिक्र

संक्षेप:

कजाकिस्तान द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेजों में केवल आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी और व्यापारिक समझौतों की बात कही गई है। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त घोषणा के पैरा 15 में स्पष्ट रूप से कश्मीर का उल्लेख है।

Feb 06, 2026 05:57 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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पाकिस्तान और कजाकिस्तान ने बीते बुधवार को एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। इसमें दावा किया गया कि दोनों देश जम्मू और कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों के आधार पर हल करने का समर्थन करते हैं। पाकिस्तान के दावों के विपरीत कजाकिस्तान की आधिकारिक वेबसाइट और वहां की सरकारी समाचार एजेंसी ने कश्मीर मुद्दे का कोई जिक्र नहीं किया है।

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कजाकिस्तान द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेजों में केवल आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी और व्यापारिक समझौतों की बात कही गई है। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त घोषणा के पैरा 15 में स्पष्ट रूप से कश्मीर का उल्लेख है।

इस यात्रा के दौरान कुल 37 से 60 के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए। खनिज उद्योग और भूवैज्ञानिक विज्ञान में सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में इकाइयों की संयुक्त तैनाती पर समझौता और कराची और ग्वादर बंदरगाहों तक कजाकिस्तान की पहुंच और 'ट्रांस-कैस्पियन' परिवहन गलियारे पर चर्चा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग पर भी बात हुई।

भारत-कजाकिस्तान संबंधों पर प्रभाव

कजाकिस्तान परंपरागत रूप से कश्मीर मुद्दे पर एक तटस्थ रुख अपनाता रहा है और भारत के साथ उसके गहरे सामरिक और आर्थिक संबंध हैं। भारत हमेशा से कश्मीर को एक द्विपक्षीय मुद्दा मानता रहा है और किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप या UNSC प्रस्तावों के पुराने संदर्भों का विरोध करता है।

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कजाकिस्तान ने वास्तव में इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं, तो यह भारत के साथ उसके संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। हालांकि, कजाकिस्तान की ओर से आधिकारिक पुष्टि न होना यह संकेत देता है कि यह पाकिस्तान की ओर से किया गया 'डिप्लोमैटिक पैंतरा' हो सकता है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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