भारत के ऐक्शन से हिला पाकिस्तान, सड़क पर उतरे लोग; सिंधु का नाम ले मरने की कसम खाई
विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ सिंधु जल समझौता 1960 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के वितरण और उपयोग को नियंत्रित करती आ रही है। भारत ने बीते साल इस संधि को स्थगित कर दिया था।

सिंधु जल समझौता स्थगित करने के एक फैसले ने पाकिस्तान को चिंता में डाल दिया है। खबर है कि मुल्क के सिंध क्षेत्र में इस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। नारे लगाए जा रहे हैं कि सिंधु को नहीं छोड़ेंगे। बीते साल जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया था। वहीं, रुख साफ किया है कि पड़ोसी मुल्क को आतंकवाद को समर्थन देना बंद करना होगा।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, बिलावल भुट्टो जरदारी की अगुवाई वाली पीपीपी ने सिंध में रैली निकाली गई थी। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने कराची, हैदराबाद, थार, मीरपुरखास, लरकाना, शिकारपुर, नौशहरों फिरोज और दाडू में प्रदर्शन किए। इस दौरान प्रदर्शनकारी नारे भी लगा रहे थे कि 'मर जाएंगे, लेकिन सिंधु पर दावा नहीं छोड़ेंगे।'
क्या है प्लान
पार्टी के सिंध चैप्टर के प्रमुख निसार अहम खुहरो ने कहा कि पीपीपी ने इस मुद्दे को जनता में उठाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी हर गांव से लोगों को सक्रिय करेगी। उन्होंने अखबार को बताया है कि बिलावल ने सिंधु जल समझौते के इस मुद्दे को लोगों तक ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा है कि पीपीपी कार्यकर्ता बिलावल को प्रधानमंत्री बनाएंगे, ताकि वह देश के हितों की रक्षा कर सकें।
खुहरो ने कहा है कि पाकिस्तानी कभी भी अपने मुल्क पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि बिलावल में हिम्मत है और वह इस मुद्दे का समाधान खोज सकते हैं।
युद्ध की धमकियां
रिपोर्ट के अनुसार, सिंध सरकार में मंत्री सईद घनी ने कहा कि सिंधु नदी सिंध या कराची का ही मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश पर असर डालता है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की जीवनरेखा करार दिया है। उन्होंने बिलावल के सुक्कूर में दिए भाषण का हवाला दिया और कहा कि पीपीपी प्रमुख ने चेताया है कि अगर सिंधु में पानी को रोका गया, तो पाकिस्तानी शांत नहीं रहेंगे।
उन्होंने कहा, 'हम शांति पसंद लोग हैं और युद्ध नहीं चाहते, क्योंकि हमें लगता है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।' उन्होंने गीदड़भभकी भी दी है कि अगर पाकिस्तानियों को पानी और भोजन नहीं मिला, तो युद्ध के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा।
भारत की दो टूक चेतावनी
3 जुलाई को ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, 'सिंधु जल संधि (IWT) पर, मैं वही दोहराऊंगा जो हमने पहले भी कहा है। सिंधु जल संधि पर भारत का रुख अडिग है।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को निरंतर समर्थन दिए जाने के जवाब में सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित है।
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को दिए जाने वाले अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से त्यागना होगा।'
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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