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पाकिस्तान में है 'दुल्हन बाजार', लगती है लड़कियों की बोली; सस्ते दाम में खरीदते हैं चीनी

पाकिस्तान में है 'दुल्हन बाजार', लगती है लड़कियों की बोली; सस्ते दाम में खरीदते हैं चीनी

संक्षेप: पाकिस्तान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था ने इसे इतना कंगाल बना दिया है कि यह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार बैठा है। भारी चीनी कर्ज के बोझ तले दबा यह देश एक तरह से बीजिंग का एक अधीनस्थ राज्य बन चुका है। लेकिन चीन पर इसकी बढ़ती निर्भरता का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है…

Mon, 10 Nov 2025 06:27 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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पाकिस्तान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था ने इसे इतना कंगाल बना दिया है कि यह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार बैठा है। भारी चीनी कर्ज के बोझ तले दबा यह देश एक तरह से बीजिंग का एक अधीनस्थ राज्य बन चुका है। लेकिन चीन पर इसकी बढ़ती निर्भरता का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। सीमावर्ती इलाकों की कम उम्र की पाकिस्तानी लड़कियों को 'दुल्हन बाजार' में महज 700 डॉलर में चीनी पुरुषों को बेच दिया जा रहा है।

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मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, यह अमानवीय प्रथा पाकिस्तान की खराब आर्थिक हालत से उपजी है। दूरस्थ सीमांत गांवों में गरीबी चरम पर है। यही कारण है कि परिवार अपनी बेटियों की शादी अमीर चीनी पुरुषों से मामूली राशि के बदले करने को विवश हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी और पाकिस्तानी बिचौलियों के गिरोह लाचार माता-पिता को लालच देकर 700 से 3200 डॉलर (लगभग 2 से 9 लाख पाकिस्तानी रुपये) तक की पेशकश करते हैं। वहीं दलाल 25000 से 65000 डॉलर तक लेते हैं।

दूसरी ओर सोशल मीडिया पर 'डेढ़ लाख में पत्नी' या 'मुफ्त में ससुराल' जैसे वायरल मीम्स इन बदहाल लोगों का मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल होते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा क्रूर है। खासकर ईसाई बहुल सीमावर्ती क्षेत्रों में, गरीबी के चलते परिवार अपनी नाबालिग बेटियों को शादी के नाम पर चीनी खरीदारों के हवाले कर दे रहे हैं। इतना ही नहीं, कभी-कभी तो बीमार माता-पिता या भाई-बहन भी 'दुल्हन' के साथ चीन चले जाते हैं।

जांच एजेंसियों ने पाया कि ज्यादातर शिकार 12 से 18 साल की लड़कियां हैं, जो मुख्य रूप ईसाई समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। जांचकर्ताओं ने 629 से अधिक मामलों की पुष्टि की है, जहां संगठित गिरोहों ने 'विवाह' के बहाने नाबालिग लड़कियों को चीन भेजा। जांच में खुलासा हुआ है कि ये लड़कियां वहां मजदूरी के लिए बंधुआ बन जाती हैं या उनके अपनों द्वारा ही वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेल दिया जाता है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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