चौधरी बनने की चाह में पाकिस्तान ने फैला दिया रायता? लेबनान पर अलग-अलग दावे, इजरायल ने मचा दिया कोहराम
इजरायली सेना ने बेरूत, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में 10 मिनट के अंदर हिजबुल्लाह के 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायल ने इस कार्रवाई को इस युद्ध में सबसे बड़ा हमला भी करार दिया।
जहां पाकिस्तान हो, वहां सब कुछ सही तरीके से हो जाए, ऐसा मुमकिन हो ही नहीं सकता। इसका ताजा उदाहरण है ईरान और अमेरिका के बीच हाल में हुआ युद्धविराम। इस युद्ध को रुकवाने में चौधरी बनने की चाहत में पाकिस्तान ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। बीते 24 घंटों में इजरायल ने लेबनान पर कहर बरपा दिया है। हालात यह हैं कि युद्धविराम भी खतरे में पड़ गया है। ऐसे में मध्यस्थता का दावा करने और सीजफायर का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान पर सवाल उठने लाजमी हैं।
दरअसल ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद इजरायल ने बुधवार दोपहर बिना किसी चेतावनी के मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले कई रिहायशी क्षेत्रों पर हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 182 लोग मारे गए और यह संख्या बढ़ने की संभावना है। इन हमलों में करीब 900 लोग घायल भी हुए हैं। बेरुत के दक्षिणी उपनगर, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी को भी निशाना बनाया गया।
अलग-अलग दावे
ये हमले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय द्वारा पाकिस्तान के उस दावे को खारिज करने के बाद हुए, जिसमें कहा गया था कि युद्धविराम में लेबनान का संघर्ष भी शामिल है। पाकिस्तान ने बुधवार को अपने बयान में कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर में लेबनान भी एक हिस्सा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल ने थोड़ी देर बाद ही बयान जारी करते हुए कहा कि लेबनान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। ऐसे में चारों तरफ कन्फ्यूजन की स्थिति है और सवाल है कि लेबनान भी इस समझौते का हिस्सा था या नहीं?
शहबाज शरीफ को आया था सपना?
यह साफ है कि इस कन्फ्यूजन की सबसे बड़ी वजह पाकिस्तान है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया कि युद्धविराम सभी मोर्चों पर लागू होगा, जिसमें लेबनान भी शामिल है। पाकिस्तान के अमेरिका में राजदूत रिजवान सईद शेख ने भी कहा कि उनकी समझ के मुताबिक लेबनान इस समझौते का हिस्सा था। वहीं अमेरिका और इजरायल ने उल्टी बातें कहीं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता। वाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने भी यही दोहराया कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और यह बात सभी पक्षों को पहले ही बता दी गई थी। अब सवाल यह है कि अमेरिका के मुताबिक जब यह बात सभी पक्षों तक पहुंचा दी गई थी, तब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ऐसा बयान क्यों दिया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।
बिगड़ गई स्थिति
इस बीच पूरे विवाद का असर तुरंत दिखने लगा है। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के एयरोस्पेस कमांडर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "लेबनान के प्रति आक्रामकता ईरान के प्रति आक्रामकता है।" उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सेनाएं कड़ी प्रतिक्रिया की तैयारी कर रही हैं।
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्ध का अंत अमेरिका के साथ हुए युद्ध-विराम समझौते का हिस्सा है। उन्होंने एक बयान में कहा, "पूरी दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है और दुनिया देख रही है कि क्या वह अपने वादों पर अमल करेगा।" एक्सईरान ने अमेरिका पर युद्ध-विराम समझौते के अपने संस्करण की तीन शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। वाइट हाउस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि होर्मुज को बंद किया जाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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