पाकिस्तान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति सुरक्षित नहीं? सुरक्षा के लिए शरीफ ने लगा दिए पांच फाइटर जेट्स

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के साथ शांति वार्ता करने पहुंचे जेडी वेंस के एयरक्राफ्ट को पाकिस्तानी एफ-16 फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया। इसका वीडियो भी सामने आया है।

पाकिस्तान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति सुरक्षित नहीं? सुरक्षा के लिए शरीफ ने लगा दिए पांच फाइटर जेट्स

ईरान के साथ शांति वार्ता करने पहुंचे जेडी वेंस के एयरक्राफ्ट को पाकिस्तानी एफ-16 फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें नजर आ रहा है कि इस्लामाबाद के नूर खान एयरबेस पर उतरने से पहले पांच पाकिस्तानी एफ-16, अमेरिकी एयर फोर्स बोइंग सी-32ए विमान को एस्कॉर्ट कर रहे हैं। इसे देखकर ऐसा लग रहा था, मानो अमेरिकी उपराष्ट्रपति पाकिस्तान में भी सुरक्षित नहीं हैं। शायद इसीलिए, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने उनकी सुरक्षा में पांच लड़ाकू विमान लगा दिए। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम शांति वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान पहुंचे। इस वार्ता का उद्देश्य पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करना है।

डार और मुनीर ने की अगवानी
वेंस के नूर खान एयरबेस पहुंचने पर पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने उनकी अगवानी की। वेंस के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी हैं। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ वार्ता के लिए शनिवार तड़के पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा। हालांकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पूर्व शर्तों पर अड़ा हुआ है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल में कौन
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में अन्य अधिकारियों में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सुप्रीम नेशनल डिफेंस काउंसिल के सचिव अली-अकबर अहमदियन, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेमती, साथ ही संसद के कई सदस्य शामिल हैं।अमेरिका के पक्ष से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, वॉशिंगटन के क्षेत्रीय दूत स्टीव विटकॉफ, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार और दामाद जारेड कुशनर भी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।

ईरान ने क्या रखी हैं शर्तें
इससे पहले, ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों में दो सप्ताह का विराम घोषित किया था, जो इस संघर्ष के दौरान अमेरिका के शामिल होने के 40 दिन बाद आया। गालिबाफ ने शुक्रवार को कहा था कि लेबनान में युद्धविराम और ईरान की रोकी गई संपत्तियों की रिहाई, अमेरिका के साथ वार्ता शुरू करने से पहले जरूरी शर्तें हैं। ईरान द्वारा पेश 10 सूत्रीय प्रस्ताव को ट्रंप ने वार्ता के लिए ‘कारगर आधार’ बताया है। इसमें सभी मोर्चों पर आक्रामक कार्रवाई रोकने की शर्त शामिल है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। ट्रंप की घोषणा के बाद हालांकि इजरायल ने लेबनान पर हमले तेज किए हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों की मौत हुई है।


गालिबाफ ने क्या कहा
गालिबाफ ने इस्लामाबाद पहुंचने पर कहाकि ईरान का अमेरिका के साथ पिछले अनुभव विश्वासपूर्ण नहीं रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साल से भी कम समय में दो बार, वार्ता के दौरान और ईरान की सद्भावना के बावजूद, अमेरिका ने हम पर हमला किया और कई युद्ध अपराध किए। उन्होंने कहाकि हमारे पास सद्भावना है, लेकिन हमें दूसरे पक्ष पर भरोसा नहीं है। गालिबाफ ने कहाकि यदि अमेरिका वास्तविक समझौते के लिए तैयार होगा और ईरानी जनता के अधिकारों को मान्यता देगा, तभी ईरान समझौते के लिए तत्परता दिखाएगा।

गालिबाफ ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका वार्ता को भ्रामक प्रक्रिया के रूप में इस्तेमाल करता है, तो ईरान अपनी क्षमताओं के बल पर अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए तैयार है। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शनिवार को वार्ता होनी है। बातचीत में कोई खलल न पड़े इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है।

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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