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सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव, किसके साथ खड़ा पाकिस्तान? शहबाज शरीफ ने कर दिया ऐलान

सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव, किसके साथ खड़ा पाकिस्तान? शहबाज शरीफ ने कर दिया ऐलान

संक्षेप:

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन कॉल के लिए शहबाज शरीफ का आभार जताया और पाकिस्तान के साथ आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की सऊदी अरब की इच्छा दोहराई।

Jan 01, 2026 08:19 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, इस्लामाबाद
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यमन में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संबंधों में आई दरार ने पूरे मध्य पूर्व को हिला दिया है। सऊदी अरब ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हवाई हमले किए, जिसमें यूएई से आई हथियारों की खेप को निशाना बनाया गया। रियाद का आरोप है कि ये हथियार यूएई समर्थित अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) के लिए थे, जो सऊदी की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान भी खुलकर सामने आ गया है।

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत कर यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर मुकल्ला पर हालिया सऊदी हवाई हमले के बाद सऊदी अरब के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त की। यह जानकारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में दी गई।

बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से चले आ रहे भाईचारे वाले संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बयान में कहा गया कि हाल के महीनों में द्विपक्षीय रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन कॉल के लिए शहबाज़ शरीफ का आभार जताया और पाकिस्तान के साथ आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की सऊदी अरब की इच्छा दोहराई। उन्होंने अगले वर्ष पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा करने का भी इरादा व्यक्त किया।

यमन में बढ़ता तनाव

गौरतलब है कि सऊदी अरब ने मंगलवार को मुकल्ला पर हवाई हमला किया था। यह हमला संयुक्त अरब अमीरात से कथित रूप से हथियारों की एक खेप के पहुंचने के बाद किया गया, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह यमन के अलगाववादी बलों के लिए थी। यह घटनाक्रम यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल की प्रगति से जुड़े बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस टकराव से यमन के एक दशक से जारी संघर्ष में एक नया मोर्चा खुलने की आशंका पैदा हो गई है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ने वाली ताकतें आपस में भी भिड़ सकती हैं। यमन पहले ही अरब दुनिया का सबसे गरीब देश माना जाता है और वहां मानवीय संकट बेहद गंभीर है।

पाकिस्तान के लिए कठिन कूटनीतिक चुनौती

पाकिस्तान के लिए यह स्थिति कूटनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि उसके संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब- दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। इस सप्ताह रियाद और अबू धाबी के बीच बढ़े तनाव ने इस्लामाबाद के सामने कठिन संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी कर दी है।

इसी क्रम में शहबाज शरीफ ने क्राउन प्रिंस से बात करने से एक दिन पहले यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात की थी। यह बैठक पंजाब के रहीम यार ख़ान में हुई, जहां यूएई राष्ट्रपति इस्लामाबाद की आधिकारिक यात्रा के बाद ठहरे हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, इस मुलाकात का मकसद क्षेत्रीय तनाव को कम करना था।

रक्षा, निवेश और तेल आपूर्ति

गौरतलब है कि इस्लामाबाद और रियाद ने सितंबर में एक आपसी रक्षा समझौता किया था, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा। सऊदी अरब लंबे समय से पाकिस्तान का प्रमुख आर्थिक और सुरक्षा साझेदार रहा है। हाल के वर्षों में उसने पाकिस्तान को अरबों डॉलर के ऋण दिए हैं, जिससे देश को विदेशी कर्ज के संकट और संभावित डिफॉल्ट से बचाने में मदद मिली। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने भी पाकिस्तान को वित्तीय सहायता दी है। वर्ष 2024 में पाकिस्तान ने कहा था कि यूएई ने देश में 10 अरब डॉलर तक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बुधवार को एक बयान जारी कर यमन में दोबारा भड़की हिंसा पर चिंता जताई। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यमन के किसी भी पक्ष द्वारा उठाए गए एकतरफा कदम संघर्ष को और भड़का सकते हैं तथा पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकते हैं। बयान में पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा, यमन की एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन दोहराया और संकट को कम करने तथा देश में शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए किए जा रहे क्षेत्रीय प्रयासों का स्वागत किया। तेल आपूर्ति के लिहाज से भी सऊदी अरब पाकिस्तान का एक प्रमुख साझेदार है। ऊर्जा जरूरतों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग के चलते रियाद और इस्लामाबाद के रिश्ते रणनीतिक रूप से बेहद अहम बने हुए हैं।

Amit Kumar

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अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें

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