पाकिस्तान ने ईरान संग कर दिया ‘खेल’, सऊदी भेज दिए फाइटर जेट्स; मिडिल ईस्ट में हड़कंप

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच हुए एक रक्षा समझौते के तहत सुरक्षा बढ़ाने के लिए फाइटर जेट्स और अन्य सैन्य बल सऊदी अरब भेजे हैं। इससे मिडिल ईस्ट में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अभी ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म नहीं हुआ है।

पाकिस्तान ने ईरान संग कर दिया ‘खेल’, सऊदी भेज दिए फाइटर जेट्स; मिडिल ईस्ट में हड़कंप

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की अहम शांति वार्ता बैठक चल रही है, जिसमें मेजबान पाकिस्तान है। एक तरफ तो वह ईरान के भी साथ दिखाई देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पीठ पीछे उसके खंजर भी घोंप रहा। पाकिस्तान के इस डबल गेम के बारे में हाल ही में पता चला है, जब उसने सऊदी अरब में अपने फाइटर जेट्स भेज दिए। इसके अलावा, मिलिट्री फोर्सेज को भी भेजा है। इससे मिडिल ईस्ट में हड़कंप मच गया है।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को वजह बताई कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच हुए एक रक्षा समझौते के तहत सुरक्षा बढ़ाने के लिए फाइटर जेट्स और अन्य सैन्य बल सऊदी अरब भेजे हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान और सहायक विमान देश के पूर्वी प्रांत में स्थित किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर पहुंच गए हैं।

इसमें कहा गया कि पाकिस्तानी तैनाती का मकसद संयुक्त रक्षा सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को समर्थन देना है। तीन सूत्रों ने, जिनमें एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सरकारी अधिकारी भी शामिल थे, रॉयटर्स को बताया कि ये विमान ईरानी हमलों के बाद भेजे गए थे। इन हमलों में अहम ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाया गया था और एक सऊदी नागरिक की मौत हो गई थी। पाकिस्तानी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बात की और कहा कि ये विमान किसी पर हमला करने के लिए वहां नहीं थे।

इन तीनों सूत्रों ने बताया कि सोमवार को सऊदी अरब के विशाल जुबैल पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स पर हुए ईरानी हमले ने पाकिस्तान में चिंताएं बढ़ा दी थीं। पाकिस्तान को आशंका थी कि खाड़ी का यह देश जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिससे ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता खतरे में पड़ सकती है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना की तैनाती का मकसद रियाद को यह भरोसा दिलाना था कि इस्लामाबाद, सऊदी साम्राज्य को किसी भी और हमले से बचाने में मदद करेगा।

हमले को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा

रियाद और इस्लामाबाद ने सितंबर 2025 में एक आपसी रक्षा समझौता किया था, जिसमें दोनों पक्षों ने यह तय किया था कि किसी भी देश के खिलाफ होने वाली किसी भी आक्रामकता को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस समझौते ने, दशकों से चली आ रही उनकी सुरक्षा साझेदारी को और भी ज्यादा मजबूत बना दिया। पाकिस्तान लंबे समय से सऊदी साम्राज्य को सैन्य सहायता देता आ रहा है, जिसमें प्रशिक्षण और सलाह देने के लिए सैनिकों की तैनाती भी शामिल है; वहीं दूसरी ओर, सऊदी अरब ने भी आर्थिक संकट के समय पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने के लिए बार-बार आगे आकर उसकी सहायता की है।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

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