
पाकिस्तान ने हवाई हमलों में मासूम बच्चों को मार डाला, अफगानिस्तान ने क्या बताया
पाकिस्तान अफगानिस्तान पर TTP को शरण देने का आरोप लगाता रहा है। अक्टूबर में दोनों देशों के बीच दोहा में युद्धविराम पर सहमति बनी थी, लेकिन तुर्की में शांति वार्ता विफल हो गई। तब से सीमा पर झड़पें बढ़ गई हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने मंगलवार को पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने सोमवार-मंगलवार की रात पूर्वी अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में हवाई हमले किए, जिनमें 9 बच्चे और एक महिला समेत कम से कम 10 आम नागरिक मारे गए। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि खोस्त प्रांत में एक आम नागरिक के घर पर बमबारी की गई जिसमें नौ बच्चे और एक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा कुनार और पक्तिका प्रांतों में भी हमले हुए जिनमें चार अन्य लोग घायल हो गए।
मंगलवार को तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- सोमवार देर रात करीब 12 बजे खोस्त प्रांत के गोरबुज जिले के मुगलगेई क्षेत्र में पाकिस्तानी हमलावर सेना ने एक स्थानीय नागरिक, वलियत खान (काजी मीर के बेटे) के घर पर बमबारी की। इस हमले में 9 बच्चे- 5 लड़के और 4 लड़कियां मारे गए। इस्लामिक अमीरात सरकार के डिप्टी स्पोक्सपर्सन हमदुल्ला फिरात ने बताया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका में एयर स्ट्राइक की, जिसमें चार आम नागरिक घायल हो गए।
पाकिस्तानी सेना और सरकार ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। यह घटना दोनों पड़ोसी देशों के बीच पिछले एक महीने से अधिक समय से चले आ रहे तनाव को और गहरा करने वाली है। अक्टूबर में अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी ड्रोन हमलों का आरोप लगाया था जिसमें काबुल पर हमले होने का दावा किया गया था। इसके बाद सीमा पर दोनों पक्षों की सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई थी जिसमें दर्जनों सैनिक, नागरिक और उग्रवादी मारे गए थे। कतर और तुर्की की मध्यस्थता से 19 अक्टूबर को युद्धविराम हुआ था, जो मंगलवार तक कायम बताया जा रहा है।ईरान ने भी तनाव कम करने की पेशकश की है। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने मंगलवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की।
पेशावर में आतंकी हमला, फिर पाकिस्तान की कार्रवाई
इसी बीच सोमवार सुबह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर में आतंकवादियों ने फेडरल कांस्टेबुलरी मुख्यालय पर हमला किया था। दो आत्मघाती हमलावरों और एक बंदूकधारी ने इमारत में घुसकर गोलीबारी की जिसमें तीन पुलिस अधिकारी शहीद हो गए और 11 घायल हो गए। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई पाकिस्तानी तालिबान (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान- टीटीपी) पर है। टीटीपी अफगान तालिबान का करीबी सहयोगी है और उसके कई बड़े नेता अफगानिस्तान में छिपे हुए हैं। हमले के एक दिन बाद मंगलवार को पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में छापा मारकर 22 उग्रवादियों को मार गिराने का दावा किया।
हमलों के कुछ ही घंटों बाद हुई अहम मुलाकात
हमलों के बीच दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई महीनों बाद पहली उच्च-स्तरीय बातचीत हुई। डॉन अखबार के अनुसार, पाकिस्तान के कौंसुल जनरल (जलालाबाद) शफकतुल्लाह खान ने नंगरहार के गर्वनर मुल्ला मोहम्मद नईम अखुंद से मुलाकात की।
तालिबानी मंत्री की भारत यात्रा
इस बीच, अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन आजीजी भारत की राजधानी नई दिल्ली में हैं। यह उनकी 5 दिवसीय यात्रा का हिस्सा है, जो 19 नवंबर को शुरू हुई। यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है।
भारत और अफगानिस्तान ने सोमवार को कपड़ा व्यापार बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। अफगानिस्तान ने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कपास उत्पादक देश के रूप में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठाने में रुचि जतायी है।
आर्थिक संबंध महानिदेशक शफीउल्लाह आजम के नेतृत्व में अफगानिस्तान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कपड़ा मंत्रालय के व्यापार सलाहकार ए. बिपिन मेनन के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां बैठक की।

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