चूल्हे ठंडे, पेट खाली; कराची में अघोषित गैस कटौती से हाहाकार, पाक के बिगड़ रहे हालात
कराची में अघोषित गैस कटौती से हाहाकार मचा है। लोग रोटी और LPG के लिए लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं। जहां SSGC ने गैस की कमी से इनकार किया है, वहीं विपक्षी नेताओं ने इस संकट के लिए सिंध सरकार की अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया है।

पाकिस्तान के कराची शहर में लगातार दूसरे सप्ताह गैस की अघोषित किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) द्वारा तय किए गए शेड्यूल का पालन न करने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गैस न होने की वजह से लोग एलपीजी (LPG) और तंदूर (रोटी) के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। इस बीच, जहां राजनीतिक नेताओं ने गैस कंपनी और सरकार की कड़ी आलोचना की है, वहीं SSGC ने अपनी तरफ से किसी भी तरह की कोताही से साफ इनकार किया है।
जनता की परेशानियां: रोटी और LPG के लिए मोहताज
नागरिकों का कहना है कि गैस की कटौती बिना किसी पूर्व सूचना के हो रही है। कंपनी का दावा है कि सुबह 6 बजे से रात 10:30 बजे तक निर्बाध आपूर्ति की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। अचानक गैस चले जाने के कारण घरों में खाना पकाना मुश्किल हो गया है। मजबूरन लोग सड़क किनारे मौजूद ढाबों, रेस्टोरेंट और एलपीजी स्टेशनों का रुख कर रहे हैं। बेकरी और खाने-पीने के स्टालों के बाहर, खासकर रोटी और नान खरीदने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं।
घर में खाना पकाने की मुख्य जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाओं को इस कटौती ने सबसे ज्यादा परेशान किया है। इसके अलावा, जो छात्र अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए बिजली और पानी की पहले से मौजूद कमी के बीच यह गैस संकट एक नई मुसीबत बन गया है। सुल्तानबाद के रहने वाले मोहम्मद अख्तर ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए बताया कि वह आधे घंटे तक एक एलपीजी दुकान पर इंतजार करते रहे, जिसके बाद उन्हें बताया गया कि सिलेंडर देर से आएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गैस कंपनी अपना शेड्यूल ठीक से प्रबंधित नहीं कर सकती ताकि हम पहले से तैयारी कर सकें?
गैस कंपनी (SSGC) का पक्ष: आरोपों से इनकार
जनता के दावों के विपरीत, सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) ने सोमवार को एक बयान जारी कर भोजन के समय किसी भी तरह की गैस कटौती से साफ इनकार किया। कंपनी ने कहा कि नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के खाने के समय गैस की पूरी आपूर्ति की गई है। उनके अनुसार, सिस्टम का दबाव और लाइन पैक बिल्कुल ठीक स्थिति में हैं।
SSGC ने स्पष्ट किया कि RLNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की कमी के बावजूद, वे बिजली और उर्वरक (खाद्य सुरक्षा के लिए) क्षेत्र को भी पर्याप्त गैस दे रहे हैं। उनका दावा है कि वे उपलब्ध संसाधनों का संतुलित तरीके से प्रबंधन कर रहे हैं ताकि सभी क्षेत्रों की जरूरतें पूरी हो सकें। कंपनी ने यह भी दावा किया कि उन्हें उस दिन किसी भी बड़े इलाके से गैस कटौती की कोई व्यापक शिकायत नहीं मिली।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: सरकार और कंपनी पर तीखे हमले
इस गैस संकट ने राजनीतिक रूप ले लिया है और विपक्षी दलों ने सरकार और गैस कंपनी की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। सिंध विधानसभा में विपक्ष के नेता और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (MQM-P) के नेता अली खुर्शीदी ने कहा कि गैस कंपनी पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे नागरिकों पर और बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि तय शेड्यूल के अनुसार गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना SSGC की जिम्मेदारी है। यह लगातार जारी संकट गैस उपयोगिता कंपनी की घोर अकुशलता को दर्शाता है।
पीटीआई कराची डिवीजन की सूचना सचिव फौजिया सिद्दीकी ने इस अघोषित गैस कटौती, महंगे बिलों और बिजली-पानी के संकट को सिंध सरकार की घोर अक्षमता और जनविरोधी नीतियों का प्रमाण बताया।
फौजिया सिद्दीकी ने कहा कि कराची राष्ट्रीय राजस्व में लगभग 65 प्रतिशत का योगदान देता है, लेकिन फिर भी इस शहर को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि गैस, पानी और बिजली की तत्काल और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जर्जर हो चुके बुनियादी ढांचे की जल्द से जल्द मरम्मत की जाए।
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