
तालिबान से तनाव के बीच अफगानों को जेल में ठूंस रहा पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र ने जारी की रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह के दौरान कुल 7,764 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया गया और हिरासत में लिया गया, जो पिछले सात दिनों की अवधि की तुलना में काफी अधिक है। यह कार्रवाई बलूचिस्तान में केंद्रित थी, जहां से 86 प्रतिशत गिरफ्तारियां हुईं।
डूरंड लाइन पर तालिबान के साथ जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने अपने देश में बैठे अफगानों को बड़ी संख्या में गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में ऐसी गिरफ्तारियों की संख्या करीब 146 फीसदी बढ़ गई है। रिपोर्ट में इसका मुख्य कारण पाकिस्तान में आने वाली सीमा को फिर से खोल देना बताया गया है।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन द्वारा हाल ही में पाकिस्तान में मौजूद अफगानियों की हालत पर एक संयुक्त रिपोर्ट जारी की गई। इस रिपोर्ट में कहा गया कि सप्ताह के दौरान कुल 7,764 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया गया और हिरासत में लिया गया, जो पिछले सात दिनों की अवधि की तुलना में काफी अधिक है। यह कार्रवाई बलूचिस्तान में केंद्रित थी, जहां से 86 प्रतिशत गिरफ्तारियां हुईं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एक नवंबर को समाप्त सप्ताह में गिरफ्तारियों और हिरासत में लिए जाने की संख्या में 146 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 26 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच गिरफ्तार किए गए लोगों में अफगान नागरिक कार्ड (एसीसी) धारक और गैर-दस्तावेज वाले अफगान नागरिक 77 प्रतिशत थे, जबकि पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) कार्ड धारक शेष 23 प्रतिशत थे।
पूरे पाकिस्तान में, चागी, अटक और क्वेटा जिलों में इस वर्ष एक जनवरी से एक नवंबर के बीच गिरफ्तारी और हिरासत के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में वापसी और निर्वासन में भी तेजी से वृद्धि हुई। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 19-25 अक्टूबर के सप्ताह की तुलना में वापसी में 101 प्रतिशत और निर्वासन में 131 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
आपको बता दें पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान और पाकिस्तान बॉर्डर पर लगातार तनाव जारी है। दोनों पक्षों के बीच में शांति के लिए कई स्तर की वार्ता हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी शांति कायम नहीं हो पाई है। पाकिस्तान की तरफ से आरोप लगाया जाता है कि तालिबान अपनी धरती पर आतंकियों को पनाह दे रहा है। इसकी वजह से वह उन आतंकियों को निशाना बनाता है। हालांकि, तालिबान की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि उसकी धरती पर किसी भी प्रकार के कोई आतंकवादी नहीं रहते हैं, जिन आतंकवादियों की बात इस्लामाबाद कर रहा है वह पाकिस्तान में ही मौजूद हैं। हाल ही में एक बार फिर से पाकिस्तान और तालिबान के बीच वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी।

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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




