इस्लामाबाद में शिया मस्जिद में धमाके को लेकर 4 गिरफ्तार, मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हुई
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से 4 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल है। एक अफगान नागरिक को भी पकड़ा गया।

इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट ने पूरे पाकिस्तान को झकझोर दिया है। जुमे की नमाज के दौरान इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में यह हमला हुआ। हमलावर की पहचान पेशावर निवासी 32 वर्षीय यासिर के रूप में हुई, जिसने मस्जिद के गेट पर सुरक्षा गार्ड पर गोली चलाई और फिर अंदर नमाज पढ़ रहे लोगों के बीच खुद को उड़ा लिया। शुरू में 31 मौतें और 169 घायल होने की खबर आई, लेकिन बाद में कुछ गंभीर घायलों की मौत के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई। यह हमला 2008 के मैरियट होटल बम विस्फोट के बाद इस्लामाबाद में सबसे घातक हमला माना जा रहा है, जिसने राजधानी में सुरक्षा की चिंताओं को और बढ़ा दिया।
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) के क्षेत्रीय सहयोगी 'इस्लामिक स्टेट इन पाकिस्तान' (जिसे आईएसकेपी या आईएस-खोरासान प्रांत भी कहा जाता है) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने अपनी अमाक न्यूज एजेंसी और टेलीग्राम चैनल पर बयान जारी कर दावा किया कि हमलावर ने सुरक्षा गार्ड को गोली मारकर मस्जिद में प्रवेश किया और नमाजियों के निकट खुद को उड़ा लिया। यह दावा SITE इंटेलिजेंस ग्रुप जैसे संगठनों की ओर से भी पुष्ट किया गया। आईएसकेपी ने पहले भी पाकिस्तान में शिया समुदाय को निशाना बनाया है, क्योंकि वे इसे धार्मिक रूप से विरोधी मानते हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने अफगानिस्तान से जुड़े लिंक का जिक्र किया, जहां हमलावर प्रशिक्षण लेता था, लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और इसे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा विफलता बताया।
4 लोगों की हुई गिरफ्तारी
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से 4 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल है। एक अफगान नागरिक को भी पकड़ा गया। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने अफगानिस्तान की धरती से हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य नेताओं ने हमले की कड़ी निंदा की तथा जांच का आदेश दिया। पीड़ितों के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए, जहां सुरक्षा चूक पर गुस्सा जाहिर किया गया। कश्मीर में शिया समुदाय ने पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन किए।
यह घटना पाकिस्तान में बढ़ते सांप्रदायिक आतंकवाद और सीमा पार से जुड़े खतरों को उजागर करती है। शिया अल्पसंख्यक पहले से ही लक्षित होते रहे हैं और यह हमला सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियों को और गहरा बनाता है। पाकिस्तान सरकार ने आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने का वादा किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान से जुड़े नेटवर्क और आंतरिक असंतोष को संबोधित किए बिना ऐसी घटनाएं जारी रह सकती हैं।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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