'आईडी दिखाइए', आसिम मुनीर को म्यूनिख इवेंट में गेट पर रोका गया; वीडियो वायरल
वीडियो में दिख रहा है कि एक सुरक्षा अधिकारी ने मुनीर से उनकी आईडी कार्ड को सामने की ओर घुमाने के लिए कहा। यह घटना सम्मेलन के प्रवेश द्वार पर हुई, जहां अधिकारी ने उनके नेम बैज पर टैप करते हुए कहा, 'क्या आप इसे घुमा सकते हैं?'

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए जर्मनी पहुंचे थे। यह सम्मेलन विश्व के प्रमुख नेताओं, राजनयिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों को एक मंच मुहैया कराता है, जहां अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। मुनीर और उनकी टीम इस उच्च स्तरीय आयोजन में शामिल होने पहुंची, लेकिन एंट्री गेट पर एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया के कारण एक घटना घट गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में दिखाया गया कि एक सुरक्षा अधिकारी ने मुनीर से उनकी आईडी कार्ड को सामने की ओर घुमाने के लिए कहा। यह घटना सम्मेलन के प्रवेश द्वार पर हुई, जहां अधिकारी ने उनके नेम बैज पर टैप करते हुए कहा, 'क्या आप इसे घुमा सकते हैं?' मुनीर ने तुरंत इसका पालन किया और अंदर चले गए।
यह घटना किसी बड़े विवाद या अपमान का रूप नहीं ले पाई, क्योंकि सूत्रों के अनुसार यह सम्मेलन में सभी प्रतिभागियों के लिए मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा थी। हर व्यक्ति को अपनी पहचान पत्र स्पष्ट रूप से दिखाना होता है, चाहे वह कितना भी उच्च पदाधिकारी क्यों न हो। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे लगभग रोका जाना बताया गया, लेकिन वास्तव में यह केवल आईडी कार्ड को सही दिशा में करने की छोटी सी बात बताई जा रही है। वीडियो में सुरक्षा अधिकारी महिला दिखाई दे रही है, जो स्पष्ट रूप से स्टॉप... वेयर इज योर आईडी? प्लीज फ्लिप योर आईडी कार्ड जैसी बात कहती है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी, जहां कुछ लोगों ने इसे प्रोटोकॉल स्नब बताया, जबकि अन्य ने इसे सामान्य सुरक्षा चेक माना।
आसिम मुनीर की भागीदारी का विरोध
इसके अलावा, आसिम मुनीर की भागीदारी पर विरोध भी दर्ज किया गया। जर्मनी में स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन JSMM ने उनकी उपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई। संगठन के अध्यक्ष शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, जर्मन सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं को पत्र लिखकर कहा कि मुनीर को आमंत्रित करना बेहद अफसोसजनक है। उन्होंने पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों का हवाला देते हुए प्रदर्शन किया और आयोजकों से उनकी भागीदारी पर फिर से विचार करने की मांग की। JSMM के सदस्यों ने सम्मेलन स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पाकिस्तान में दमन और क्षेत्रीय अस्थिरता के आरोप लगाए गए।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
कुल मिलाकर, यह घटना म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2026 के दौरान हुई, जहां आसिम मुनीर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान वैश्विक व क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। वायरल वीडियो ने मीडिया में सुर्खियां बटोरीं, लेकिन यह मुख्य रूप से एक रूटीन सुरक्षा जांच बताई गई। बता दें कि आसिम मुनीर ने सम्मेलन में पाकिस्तान की स्थिति को मजबूती से रखा, जबकि विरोध प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर बहस छेड़ दी।
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Niteesh Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



