
NSA अजीत डोभाल के एक बयान से पाकिस्तान को लग गई मिर्ची, क्या बोला?
अजीत डोभाल के बयान से पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है। उसने कहा है कि ऐसी बयानबाजी क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करती है। डोभाल ने कहा था कि हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है और हमें इस देश को फिर वहां पहुंचाना है, जहां एक महान भारत का निर्माण कर सकें।
भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के एक बयान से पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है। उसने डोभाल के बयान की निंदा की है। डोभाल ने हाल ही में भारतीयों से हमारे इतिहास का बदला लेने और एक मजबूत राष्ट्र बनाने का आग्रह किया था। डोभाल ने नई दिल्ली में युवाओं को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां की थीं और उनसे भारत के पिछले संघर्षों से ताकत लेने और देश की सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में शक्ति बढ़ाने के लिए बदले का इस्तेमाल करने का आह्वान किया था।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन टिप्पणियों को 'छिपे हुए नफरत फैलाने वालों की तरफ से आने वाली कोई हैरानी वाली बात नहीं' बताया, और कहा कि ऐसी बयानबाजी क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करती है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के इस बयान से साफ हो गया है कि डोभाल के बयान से पाकिस्तान बौखला गया है और ऊल-जुलूल बातों पर उतर आया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने शनिवार को कहा था कि भारत को अपनी सुरक्षा सिर्फ सीमाओं पर मजबूत नहीं करनी है, बल्कि आर्थिक और तकनीकी तौर पर भी देश को इतना मजबूत बनाना है कि हमलों और पराधीनता के अपने इतिहास का प्रतिशोध ले सकें। 'विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद’ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने संबोधन में डोभाल ने स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्षों, भारत की सभ्यता पर हुए हमलों और मजबूत नेतृत्व के महत्व का जिक्र किया।
उन्होंने तीन दिवसीय इस आयोजन में भाग ले रहे देश भर के तीन हजार युवाओं से कहा, ‘‘मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ था। आप भाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र भारत में पैदा हुए। सदियों तक हमारे पूर्वजों ने इसके लिए बहुत कुर्बानियां और अपमान सहे हैं। भगत सिंह को फांसी हुई, सुभाष चंद्र बोस को जीवन भर संघर्ष करना पड़ा, महात्मा गांधी को सत्याग्रह करना पड़ा और अनगिनत लोगों को जानें देनी पड़ीं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ प्रतिशोध शब्द अच्छा तो नहीं है, लेकिन यह अपने आप में बड़ी शक्ति होती है। हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है और हमें इस देश को फिर वहां पहुंचाना है, जहां हम अपने हक, अपने विचार और अपनी आस्थाओं के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें। हमें अपने आपको हर रूप में आर्थिक, रक्षात्मक, तकनीकी तौर मजबूत बनाना है।’’

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
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