पहलगाम हमले के बाद सुधरा नहीं पाक, 'ग्रे लिस्ट' से बचने को अपनाया लॉबिंग का रास्ता

Jan 15, 2026 10:47 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
share Share
Follow Us on

वॉशिंगटन स्थित पाक दूतावास ने एर्विन ग्रेव्स रणनीति समूह एलएलसी के साथ 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी एक कॉन्ट्रैक्ट किया। इस फर्म ने भी FATF की ग्रे सूची से पाकिस्तान को बाहर रखने के लिए व्यापक लॉबिंग की।

पहलगाम हमले के बाद सुधरा नहीं पाक, 'ग्रे लिस्ट' से बचने को अपनाया लॉबिंग का रास्ता

अमेरिका के विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (FARA) के तहत सामने आई जानकारियों से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने वॉशिंगटन में सक्रिय लॉबिंग फर्मों के माध्यम से अमेरिकी प्रशासन और सांसदों पर दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि उसे वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की ग्रे सूची में दोबारा शामिल होने से रोका जा सके।

पाकिस्तान को लंबे समय से अवैध धन प्रवाह और आतंक वित्तपोषण के मामलों में सवालों का सामना करना पड़ रहा है। FATF की प्रस्तावित बैठक अगले महीने होने वाली है, जिसमें सदस्य देशों द्वारा इस बात की गहन समीक्षा की जाएगी कि क्या पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों को धन मुहैया कराने पर पर्याप्त लगाम लगाई है या नहीं।

पहलगाम हमले के बाद तेज हुई लॉबिंग

FARA में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, Javelin Advisors LLC को अप्रैल में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने के लिए पंजीकृत किया गया। यह पंजीकरण 24 अप्रैल को एक औपचारिक परामर्श समझौते के तहत हुआ- जो कि पहलगाम आतंकी हमले के महज दो दिन बाद की तारीख है।

Javelin ने अपनी फाइलिंग में बताया कि उसका कार्य अमेरिकी कार्यपालिका, अमेरिकी कांग्रेस और आम जनता के समक्ष पाकिस्तान के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर रुख को पहुंचाना शामिल है। इन मुद्दों में जम्मू-कश्मीर विवाद और भारत-पाकिस्तान संबंध भी प्रमुख रूप से सूचीबद्ध हैं।

पाक दूतावास का अलग समझौता

एक अन्य FARA फाइलिंग में यह भी सामने आया कि वॉशिंगटन स्थित पाक दूतावास ने एर्विन ग्रेव्स रणनीति समूह एलएलसी के साथ 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी एक कॉन्ट्रैक्ट किया। इस फर्म ने भी FATF की ग्रे सूची से पाकिस्तान को बाहर रखने के लिए व्यापक लॉबिंग की।

अंतरराष्ट्रीय मंचों को गुमराह करता रहा है इस्लामाबाद

काउंटर-टेरर विशेषज्ञों का कहना है कि इस्लामाबाद का रिकॉर्ड लगातार सवालों के घेरे में रहा है। आरोप है कि पाकिस्तान ने अतीत में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया और आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए जरूरी संस्थागत सुधारों को लागू करने में विफल रहा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कागजी प्रतिबद्धताओं और जमीनी कार्रवाई के बीच की खाई ही FATF के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। ऐसे में आगामी बैठक में पाकिस्तान की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाएगी और यह देखा जाएगा कि उसने वास्तव में आतंक के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं या नहीं।

FATF का फैसला पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है। ग्रे सूची में शामिल होने से विदेशी निवेश, ऋण और वैश्विक बैंकिंग लेन-देन प्रभावित हो सकते हैं। इसी जोखिम को देखते हुए पाकिस्तान द्वारा वॉशिंगटन में तेज लॉबिंग को रणनीतिक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar

डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।


अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;