पाकिस्तान के अस्पताल में भयंकर लापरवाही का खुलासा, 300 से ज्यादा बच्चे हो गए HIV पॉजिटिव
जांच में हुलास हुआ है कि नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच ताउंसा इलाके में कम से कम 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। डेटा से यह भी पता चला है कि इन मामलों में संक्रमण मां से नहीं फैला था।
पाकिस्तान के एक सरकारी अस्पताल में भयंकर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही सीरिंज से इंजेक्शन लगा देने की वजह से सैकड़ों बच्चों की जान खतरे में पड़ गई है। हाल ही में एक जांच में सामने आया है कि यहां THQ हॉस्पिटल ताउंसा में कई बार एक ही सिरिंज का इस्तेमाल अलग-अलग मरीजों पर किया जा रहा था। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, 32 घंटे की अंडरकवर शूटिंग के दौरान अस्पताल में बेसिक हाइजीन भी मेंटेन नहीं किया जा रहा था और साफ-सफाई के नियम धड़ल्ले से तोड़े जा रहे थे।
रिपोर्ट में सामने आया कि नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच ताउंसा इलाके में कम से कम 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। आंकड़ों से यह बात सामने आई है कि ज्यादातर मामलों में बच्चों में संक्रमण मां से नहीं फैला। 97 परिवारों की जांच में सिर्फ 4 बच्चों की मां HIV पॉजिटिव पाई गईं, जिससे यह शक यकीन में बदल गया कि संक्रमण अस्पताल में यूज्ड इंजेक्शन के कारण फैला।
एक ही सीरिंज का कई मरीजों पर इस्तेमाल
रिपोर्ट में बताया गया कि अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी एक ही सिरिंज को कई मरीजों पर इस्तेमाल कर रहे थे और मल्टी-डोज वायल से दवा निकालकर अलग-अलग बच्चों को दे रहे थे। इस मामले के केंद्र में 8 साल का मोहम्मद अमीन था, जिसकी HIV पॉजिटिव आने के बाद मौत हो गई। उसकी मां के अनुसार, आखिरी दिनों में उसे तेज बुखार और असहनीय दर्द था। जांच के बाद उसकी बहन अस्मा भी HIV पॉजिटिव पाई गई। परिवार का मानना है कि दोनों बच्चों को अस्पताल में इलाज के दौरान लगे इंजेक्शन से संक्रमण हुआ।
भयावह खुलासे
फुटेज में एक नर्स को इस्तेमाल की गई सिरिंज को दोबारा इस्तेमाल के लिए देते हुए देखा गया, जो सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसके अलावा यहां मरीजों को बिना ग्लव्स के इंजेक्शन लगाए जा रहे थे, इस्तेमाल की गई सुइयों को खुले में छोड़ दिया जा रहा था और मेडिकल वेस्ट का भी सही तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा था। कुछ अभिभावकों ने भी बताया कि उन्होंने कई बार एक ही सिरिंज को अलग-अलग मरीजों पर इस्तेमाल करते देखा है।
कैसे सामने आया मामला?
मामला तब सामने आया जब लोकल डॉक्टर गुल कैसरानी ने अपने क्लिनिक में बच्चों में HIV के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी। उन्होंने बताया कि 65-70 प्रभावित बच्चों में से ज्यादातर का इलाज पहले इसी अस्पताल में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, आधे से ज्यादा मामलों में संक्रमित सुई को ही संक्रमण का मुख्य कारण माना गया। जब यह फुटेज अस्पताल के नए मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. कासिम बुजदार को दिखाया गया, तो उन्होंने इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह वीडियो उनके कार्यकाल से पहले का हो सकता है या फर्जी भी हो सकता है, और अस्पताल पूरी तरह सुरक्षित है।
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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