Hindi Newsविदेश न्यूज़Outraged by Chinese CCP influenced AI Taiwan imposes government wide ban
चीनी AI को बड़ा झटका, इस देश ने सरकारी ऑफिस से किया 'OUT'; जानें क्यों

चीनी AI को बड़ा झटका, इस देश ने सरकारी ऑफिस से किया 'OUT'; जानें क्यों

संक्षेप:

ताइवान ने चीन के बढ़ते डिजिटल प्रभाव, साइबर सुरक्षा खतरों और दुष्प्रचार के खतरे को देखते हुए सरकारी विभागों में चीन में विकसित सभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के उपयोग पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।

Nov 20, 2025 05:24 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

ताइवान ने चीन के बढ़ते डिजिटल प्रभाव, साइबर सुरक्षा खतरों और दुष्प्रचार के खतरे को देखते हुए सरकारी विभागों में चीन में विकसित सभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम के उपयोग पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। द ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल मामलों की उपमंत्री इसाबेल होउ ने इस फैसले की पुष्टि की है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो (NSB) की व्यापक जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें पता चला कि कई लोकप्रिय चीनी AI मॉडल में गंभीर सुरक्षा कमियां हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

NSB की रिपोर्ट में कहा गया है कि डीपसीक (DeepSeek), डौबाओ (Doubao), यियान (YiYan), टोंगयी (Tongyi) और युआनबाओ (Yuanbao) जैसे मॉडल बार-बार चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रोपेगैंडा से जुड़ी सामग्री उत्पन्न करते हैं, जिनमें इतिहास की विकृतियां और राजनीतिक रूप से पक्षपाती कथानक शामिल होते हैं। विधायी सत्र में डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के सांसद लाई जुई-लुंग ने पूछा था कि क्या डिजिटल मंत्रालय चीन में बने बड़े भाषा मॉडलों से उत्पन्न साइबर खतरों पर नजर रख रहा है।

उपमंत्री होउ ने जवाब दिया कि मंत्रालय ने पहले ही AI मूल्यांकन उपकरण और सुरक्षा परीक्षण दिशा-निर्देशों का पूरा सेट तैयार कर सभी सरकारी इकाइयों को वितरित कर दिया है। NSB ने भी इन्हीं मानकों के आधार पर अपनी जांच की थी। ताइवान के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इवैल्यूएशन सेंटर ने स्वतंत्र परीक्षण किए और ठीक यही नतीजे निकाले। ये निष्कर्ष लंबे समय से चली आ रही उस आशंका की पुष्टि करते हैं कि चीनी तकनीकी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जनमत को प्रभावित करने या सरकारी नेटवर्क में सेंध लगाने के लिए किया जा सकता है।

उपमंत्री होउ ने कहा कि सरकार लगातार नागरिकों, निजी कंपनियों और सार्वजनिक संस्थानों को चीनी जेनरेटिव AI से जुड़े जोखिमों के प्रति आगाह करती रहेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या ताइवान अन्य देशों की तरह पूर्ण प्रतिबंध की ओर बढ़ सकता है, तो उन्होंने कहा कि कानूनी दायरे में यह विकल्प पूरी तरह खुला है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।