होर्मुज खोलो, वरना पावर प्लांट और तेल कुओं से हाथ धो लो; खार्ग द्वीप पर ईरान को ट्रंप की नई चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को अपने तेल ठिकानों से हाथ धोना पड़ेगा क्योंकि अमेरिकी सेना वहां बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नई चेतावनी जारी की है और कहा है कि भले ही बातचीत जारी हो लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोला जाए, वरना अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों और तेल कुओं पर जोरदार हमला बोलेगा। ट्रंप ने कहा कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को अपने तेल ठिकानों से हाथ धोना पड़ेगा क्योंकि अमेरिकी सेना वहां बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकती है। ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिकी सैनिक खार्ग द्वीप को तबाह कर देंगे।
ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ईरान के साथ बातचीत में काफी प्रगति हो रही है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि “अगर कोई समझौता नहीं हुआ और अगर रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से नहीं खोला गया, तो अमेरिका अपने हमले को और बढ़ा देगा, और उनके सभी बिजली पैदा करने वाले प्लांट, तेल के कुएँ और खार्ग द्वीप (और शायद सभी डीसैलिनेशन प्लांट भी!) को पूरी तरह से तबाह कर देगा।”
फारसी खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा देंगे: ईरान
दूसरी तरफ, ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसके इलाके पर हमला हुआ, तो वह फारसी खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा देगा। वहीं अमेरिका और इज़रायल ने सोमवार को भी अपने हमले जारी रखे, जबकि ईरान ने बुरी तरह प्रभावित कुवैत में एक अहम पानी और बिजली प्लांट पर हमला किया। यह खाड़ी के अरब देशों को निशाना बनाने के उसके चल रहे अभियान का हिस्सा था। ईरान ने सोमवार को इज़रायल की एक तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया है।
6 अप्रैल तक की डेडलाइन है
ट्रंप ने ये भी कहा कि यह कार्रवाई उन अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों के "बदले" के तौर पर होगी, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि उन्हें ईरान ने पिछली सरकार के 47 साल के "आतंक के राज" के दौरान मार डाला था। पिछले हफ़्ते, ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले 10 दिनों के लिए रोक देगा; यह समय-सीमा 6 अप्रैल (अमेरिकी समय के अनुसार) तक चलेगी।
खाड़ी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा US
हालांकि, बातचीत जारी है की बात कहने के साथ-साथ वॉशिंगटन इस क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों की भी तैनाती कर रहा है। इस बात से ईरान के संसदीय नेतृत्व ने अमेरिका पर यह आरोप लगाया कि वह बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत तो दे रहा है, लेकिन साथ ही ज़मीनी हमले की तैयारी भी कर रहा है; इस आरोप पर तेहरान की ओर से कड़ा जवाब आया। हालांकि, ईरानी नेताओं ने इस बात से इनकार किया है कि अमेरिका के साथ कोई भी सीधी बातचीत चल रही है।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।
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