बढ़ेगा तेल संकट, नाकेबंदी के लिए अमेरिका ने तैनात कर दिए 12 जहाज और 100 विमान

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
share

ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका नाकेबंदी को लेकर आक्रामक होता जा रहा है। अमरेिका ने 12 जहाजों और 100 से ज्यादा विमानों को नाकेबंदी के लिए तैनात कर दिया है। दूसरी तरफ वह ईरान से बात करने को भी तैयार है। 

बढ़ेगा तेल संकट, नाकेबंदी के लिए अमेरिका ने तैनात कर दिए 12 जहाज और 100 विमान

ईरान पर नेवल ब्लॉकेड सख्ती से लागू करने के लिए अमेरिका ने कम से कम 12 जहाजों और 100 विमानों को तैनात कर दिया है। अमेरिका ने ईरान को लेकर यह भी कहा है कि वह कम स्मार्ट नहीं है। इसके अलावा अमेरिक ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी से आगे बढ़ते हुए अब दुनिया भर में तैनात उसकी सेनाओं को किसी भी ऐसे जहाज को रोकने की अनुमति दे दी है जो ईरान से जुड़ा हो या उस पर ईरान सरकार को मदद पहुंचाने वाले हथियार, तेल, धातु या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसी सामग्री ले जाने का शक हो। अमेरिका के इस कदम से तेल संकट बढ़ने की आशंका है।

'ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ' के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने विशेष रूप से प्रशांत क्षेत्र में जारी अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना उन जहाजों को भी निशाना बनाएगी जो इस सप्ताह की शुरुआत में लागू नाकाबंदी से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकले थे। यह जलडमरूमध्य ऊर्जा और अन्य आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन में संवाददाताओं से कहा कि अन्य क्षेत्रों में तैनात अमेरिकी बल 'ईरानी झंडे वाले किसी भी जहाज या ईरान को सामग्री पहुंचाने की कोशिश करने वाले जहाज का सक्रिय रूप से पीछा करेंगे।'

अमेरिकी सेना ने प्रतिबंधित वस्तुओं की एक विस्तृत सूची भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि वह ''किसी भी स्थान पर'' वाणिज्यिक जहाजों पर चढ़कर उनकी तलाशी ले सकती है और सामान जब्त कर सकती है।गुरुवार को जारी एक नोटिस में कहा गया कि ''ऐसा कोई भी सामान जो दुश्मन के लिए हो और सशस्त्र संघर्ष में इस्तेमाल किया जा सकता हो, उसे तटस्थ क्षेत्र के बाहर कहीं भी जब्त किया जा सकता है।'

ईरान पर दबाव बढ़ाने का तरीका

ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का यह विस्तार तेहरान पर दबाव बढ़ाने का एक और तरीका है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब युद्धविराम कुछ ही दिनों में समाप्त होने वाला है और मध्यस्थ इसकी अवधि बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं।

सेना की नई सूची में हथियार, गोला-बारूद और सैन्य उपकरणों को ''पूर्ण प्रतिबंधित'' श्रेणी में रखा गया है। वहीं तेल, लोहा, इस्पात, एल्युमिनियम जैसी वस्तुओं को ''शर्तीय प्रतिबंधित'' बताया गया है, जिनका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए हो सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उत्पादन उपकरण या भारी मशीनरी जैसे सामान भी जब्त किए जा सकते हैं यदि उनके सैन्य उपयोग का संदेह हो।

10 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात

नाकाबंदी लागू करने में 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक लगे हुए हैं। रक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई जहाज भागने की कोशिश करता है तो चेतावनी के तौर पर गोली चलाई जा सकती है या बल प्रयोग बढ़ाया जा सकता है। 'यूएस सेंट्रल कमांड' के अनुसार, सैन्य कार्रवाई के पहले तीन दिनों में 14 जहाज नाकाबंदी का सामना करने के बजाय वापस लौट गए।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।