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ग्रीनलैंड से कम कुछ भी मंजूर नहीं... अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट से खलबली

ग्रीनलैंड से कम कुछ भी मंजूर नहीं... अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट से खलबली

संक्षेप:

अमेरिकी राष्ट्रपति अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसे हासिल करने में NATO को आगे आना चाहिए, वरना रूस या चीन इसे कब्जा कर लेंगे

Jan 14, 2026 09:18 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अपना दावा तेज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका के हाथों में आने से NATO 'कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी' बनेगा। ट्रंप ने अपने पोस्ट में साफ-साफ कहा कि इससे कम कुछ भी अस्वीकार्य है। उन्होंने NATO से डेनमार्क को हटाने की मांग की और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका को इस आर्कटिक द्वीप पर पूर्ण नियंत्रण चाहिए, वरना रूस या चीन इसे हथिया लेंगे।

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अमेरिकी राष्ट्रपति अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसे हासिल करने में NATO (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) को आगे आना चाहिए, वरना रूस या चीन इसे कब्जा कर लेंगे और ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। ट्रंप ने लिखा कि ग्रीनलैंड अमेरिका के हाथों में आने से NATO कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी हो जाएगा।

बता दें कि ग्रीनलैंड, NATO सदस्य डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। यह भू-राजनीतिक विवाद के केंद्र में है, क्योंकि ट्रंप इस पर अमेरिकी नियंत्रण की मांग पर अड़े हैं, जबकि ग्रीनलैंड के निवासी कहते हैं कि यह क्षेत्र बिकाऊ नहीं है। दूसरी ओर वाइट हाउस ने जबरन कब्जे की आशंका से इनकार नहीं किया है। वहीं, बुधवार को वाशिंगटन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन और ग्रीनलैंड के समकक्ष विवियन मोट्जफेल्ड से इस मुद्दे पर बैठक की।

ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका के 'गोल्डन डोम' मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के लिए 'अत्यंत महत्वपूर्ण' है। उन्होंने द्वीप को अमेरिकी सुरक्षा मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करने की इच्छा जताई और रूसी-चीनी जहाजों से खतरे को कारण बताया। हालांकि, ग्रीनलैंड के निवासियों और विशेषज्ञों ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं।

इस बीच, संकट सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत अमेरिकी कांग्रेस के आर्कटिक कॉकस के सीनेटरों से मिलने वाले हैं। न्यू हैम्पशायर की डेमोक्रेट सीनेटर जीन शाहीन और अलास्का की रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने एक द्विदलीय विधेयक पेश किया है, जिसमें अमेरिकी रक्षा या विदेश विभाग के फंड का उपयोग ग्रीनलैंड या किसी NATO सदस्य के क्षेत्र पर बिना सहमति के कब्जा करने या मिलाने के लिए रोक लगाई गई है। दोनों दलों के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सप्ताहांत में कोपेनहेगन जाकर डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों से मिलने वाला है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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