
अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया को किम जोंग उन की बहन की धमकी, बोलीं- एक गलती और...
संक्षेप: किम ने चेतावनी दी कि यदि इस अभ्यास से उत्तर कोरिया को कोई खतरा दिखाई देता है, तो यह किसी के लिए भी ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा गलत जगह पर लापरवाही से किया गया बल प्रयोग निश्चित रूप से प्रतिकूल परिणाम लाएगा।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के आगामी संयुक्त सैन्य अभ्यास की कड़ी निंदा की है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया सोमवार से शुक्रवार तक प्योंगटेक के कैंप हम्फ्रीज में अमेरिकी सेना कोरिया मुख्यालय में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने की योजना बना रहे हैं। रविवार को किम यो जोंग ने इस प्रस्तावित अभ्यास की आलोचना करते हुए सख्त लहजे में कहा कि सैन्य अभ्यास करना है तो करो, लेकिन एक भी लापरवाही दोनों देशों पर भारी पड़ सकती है। कोई गलती होने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

किम ने चेतावनी दी कि यदि इस अभ्यास से उत्तर कोरिया को कोई खतरा दिखाई देता है, तो यह किसी के लिए भी ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा गलत जगह पर लापरवाही से किया गया बल प्रयोग निश्चित रूप से प्रतिकूल परिणाम लाएगा। यह बयान तब आया है जब सियोल और उसके सहयोगी देश दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप के निकट नौसेना, वायु और मिसाइल रक्षा अभियानों को मिलाकर अभ्यास शुरू करने वाले हैं।
उत्तर कोरिया ने कहा है कि यदि 'शत्रुतापूर्ण ताकतें' ऐसे अभ्यासों के जरिए अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। उत्तर कोरिया के शीर्ष पार्टी अधिकारी पाक जोंग चोन ने सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के माध्यम से कहा कि 'और भी स्पष्ट और कड़े' जवाबी कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में यह दोनों देशों के बीच पहला ऐसा सैन्य अभ्यास होगा। दोनों ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का प्रयास किया है। इसी दौरान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान जेजू द्वीप के दक्षिण-पूर्व में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बहु-क्षेत्रीय फ्रीडम एज अभ्यास भी संयुक्त रूप से करेंगे।
दक्षिण कोरियाई मीडिया के अनुसार, त्रिपक्षीय अभ्यासों के अलावा अमेरिका और दक्षिण कोरिया अगले सप्ताह 'आयरन मेस' टेबलटॉप अभ्यास की योजना बना रहे हैं, जिसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के खतरों का मुकाबला करने के लिए पारंपरिक और परमाणु क्षमताओं को एकीकृत करना है। दक्षिण कोरिया में वर्तमान में लगभग 28500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

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