नए बांग्लादेश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं; हिंदू युवक की लिंचिंग की यूनुस ने की निंदा
सरकारी बयान में कहा गया कि कानून को अपने हाथ में लेने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में कथित ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा हत्या किए जाने की घटना पर अंतरिम सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने इस घटना की निंदा करते हुए स्पष्ट कहा है कि नए बांग्लादेश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और लोगों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील की है।
पीड़ित की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो भालुका उपजिला के दुबालिया पारा इलाके में किराए पर रहने वाला एक गारमेंट फैक्ट्री का मजदूर था। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों के एक समूह ने उस पर पैगंबर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया और रात करीब 9 बजे उस पर हमला कर दिया।
सरकारी बयान में कहा गया कि कानून को अपने हाथ में लेने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करने और जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें कि यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बांग्लादेश पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और व्यापक प्रदर्शनों के दौर से गुजर रहा है। जुलाई आंदोलन के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद राजधानी ढाका समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर भारतीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश भी हुई।
बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई में हुए विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुईं, जिससे देशभर में तनाव व्याप्त हो गया। हादी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में एक उम्मीदवार थे। छह दिन तक जिंदगी-मौत के बीच जंग लड़ने के बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिछले सप्ताह उन्होंने मध्य ढाका के विजयनगर इलाके में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की थी, तब एक नकाबपोश बंदूकधारी ने उनके सिर में गोली मार दी थी।
प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख समाचार पत्रों के कार्यालयों पर हमला किया, 32 धानमंडी को हथौड़ों से तोड़ा-फोड़ा, और राजशाही सिटी में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की भंग हो चुकी पार्टी आवामी लीग के एक कार्यालय को भी ध्वस्त कर दिया।

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