Hindi Newsविदेश न्यूज़No evidence of blasphemy found Bangladesh authorities in the murder case of Hindu youth Dipu Chandra Das
ईश निंदा का कोई सबूत नहीं मिला; हिन्दू युवक की हत्या के मामले में बांग्लादेशी अधिकारी

ईश निंदा का कोई सबूत नहीं मिला; हिन्दू युवक की हत्या के मामले में बांग्लादेशी अधिकारी

संक्षेप:

बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई भी ईश निंदा का सबूत नहीं मिला है। फैक्ट्री के सहकर्मियों में से कोई भी यह मानने को तैयार नहीं है कि दीपू ने व्यक्तिगत रूप से उससे ऐसी कोई बात कही हो।

Dec 21, 2025 02:15 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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बांग्लादेश में हिंदू युवक की पीट-पीटकर हुई हत्या के मामले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में बांग्लादेशी अधिकारियों का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि दीपू के ऊपर जो ईश निंदा के आरोप लगाए जा रहे हैं उनका कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है। ऐसा साबित भी नहीं हो पाया है कि मृतक ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कोई टिप्पणी की थी।

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बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में कथित ईशनिंदा के आरोप में उग्र भीड़ ने दीपू की नृशंस हत्या कर दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सबसे पहले उसे जमकर पीटा गया, इसके बाद उसके शव को एक पेड़ से टांग कर आग के हवाले कर दिया। सबसे भयावह बात यह थी कि इस दौरान वहां पर हजारों लोग अपने फोन से इसकी वीडियो बना रहे थे।

बांग्लादेशी मीडिया प्लेटफार्म डेली स्टार से बात करते हुए मयमनसिंह के रैपिड एक्शन बटालियन के कंपनी कमांडर मोहम्मद साम्सुज्जामान ने दे डेली स्टार को बताया कि ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है, जिससे पता चले की मृतक ने फेसबुक पर ऐसा कुछ लिखा जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हों। उन्होंने यह भी कहा कि जिस फैक्ट्री में वह काम करता था उसके सहकर्मी भी किसी तरह की गतिविधि की पुष्टि नहीं कर सके हैं। जब सभी कर्मचारियों से यह पूछा गया कि आखिर किसने दीपू को ऐसा कहते सुना इस पर सभी का जवाब यही है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उसे ऐसा कहते नहीं सुना।

फैक्ट्री को बचाने के लिए दीपू को बाहर निकाला

बांग्लादेशी अधिकारियों ने बताया कि युवा नेता शरीप उस्मान हादी की मौत के बाद माहौल बिगड़ने लगा था। इसी बीच दीपू चंद्र के बारे में बात फैली। लोग उससे निकालने के लिए फैक्ट्री के बाह जमा हो गए। फैक्ट्री के लोगों ने फैक्ट्री को बचाने के लिए उसे बाहर निकाल दिया। इसके बाद भीड़ ने लाठियों और देसी हथियारों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसका शव एक पेड़ से लटका दिया और फिर आग लगा दी।

अधिकारी के मुताबिक रैपिड ऐक्शन बटालियन ने शनिवार को विभिन्न जगहों पर सात लोगों को गिरफ्तार किया है। बाकी अन्य लोगों से अभी पूछताछ की जा रही है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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