कोई समझौता नहीं...पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन, PoK में जारी है आंदोलन; 23 जुलाई को क्या होगा?
Pakistan News Today: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इन दिनों सियासी भूचाल आया हुआ है। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहा जन आंदोलन न सिर्फ पूरे क्षेत्र को हिला रहा है, बल्कि पाकिस्तानी प्रशासन की नींद भी उड़ा रहा है।

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर ( PoK) में पिछले कई दिनों से जारी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने प्रशासन के साथ किसी भी तरह के समझौते की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। साथ ही संगठन ने आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों के नए सिरे से तैयारी कर ली है। JAAC ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता या लिखित एग्रीमेंट नहीं हुआ है। कमेटी ने इसे 'बेबुनियाद प्रोपेगैंडा' करार देते हुए चेतावनी दी कि ऐसी अफवाहें आंदोलन को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा हो सकती हैं।
JAAC का सख्त रुख
JAAC के कोर सदस्यों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से लेकिन बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमारा धरना-प्रदर्शन और आंदोलन अनवरत चल रहा है। कोई भी बड़ा फैसला या घोषणा केवल कोर कमेटी के सदस्य ही औपचारिक रूप से करेंगे। समर्थकों से अपील है कि वे अनुशासित और संगठित रहें। संगठन ने अपने समर्थकों को 23 जुलाई को होने वाले कार्यक्रमों के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा है। JAAC के नेताओं ने इस तारीख को आंदोलन के लिए 'टर्निंग पॉइंट' और 'बहुत महत्वपूर्ण दिन' बताया है।
नीलम घाटी से पुंछ तक अपील
JAAC कोर कमेटी के सदस्य राजा इखलाक अहमद ने खासतौर पर नीलम घाटी के व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे पूरे इलाके में बाजार बंद रखकर आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाएं। उन्होंने कहा कि यह बंद सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीओके की जनता की आवाज को मजबूत करने का माध्यम है।
वहीं, वरिष्ठ नेता उमर नजीर कश्मीरी ने मीरपुर, मुजफ्फराबाद और पुंछ डिवीजन के लोगों से 23 जुलाई को होने वाले बड़े प्रदर्शनों, सिट-इन और धरनों में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की। कश्मीरी ने कहा कि 23 जुलाई को हम एक बेहद जरूरी घोषणा करने जा रहे हैं। यह घोषणा पूरे आंदोलन की दिशा तय करेगी। हालांकि उन्होंने घोषणा को लेकर और कुछ नहीं बताया, जिससे लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है कि 23 जुलाई को क्या होगा।
मुख्य मांगें क्या हैं?
JAAC की मुख्य मांगों में हिरासत में लिए गए सभी नेताओं की बिना शर्त रिहाई, पीओके के लोगों की आर्थिक, राजनीतिक और बुनियादी समस्याओं का समाधान, बिजली, पानी और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार शामिल हैं। संगठन ने बार-बार जोर दिया है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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