कैसे बचेगी निमिषा प्रिया की जान, ब्लड मनी नहीं ले रहा परिवार; इतने करोड़ की है पेशकश

Jul 12, 2025 03:00 pm ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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यमन की कानूनी व्यवस्था के तहत अगर पीड़ित परिवार ब्लड मनी स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाता है, तो निमिषा को क्षमादान मिल सकता है। ब्लड मनी एक तरह का आर्थिक मुआवजा है, जो दोषी की तरफ से पीड़ित परिवार को दिए जाने की पेशकश की जाती है।

कैसे बचेगी निमिषा प्रिया की जान, ब्लड मनी नहीं ले रहा परिवार; इतने करोड़ की है पेशकश

यमन में मौत की सजा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बचाने की कोशिशें जारी हैं। कहा जा रहा है कि अगर पीड़ित का परिवार ब्लड मनी को स्वीकार कर लेता है, तो उनकी जान बच सकती है। हालांकि, ताजा रिपोर्ट्स से संकेत मिल रहे हैं कि पीड़ित परिवार ने धनराशि स्वीकार करने से मना कर दिया है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। निमिषा साल 2017 में यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या की दोषी पाई गईं थीं।

यमन की कानूनी व्यवस्था के तहत अगर पीड़ित परिवार ब्लड मनी स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाता है, तो निमिषा को क्षमादान मिल सकता है। ब्लड मनी एक तरह का आर्थिक मुआवजा है, जो दोषी की तरफ से पीड़ित परिवार को दिए जाने की पेशकश की जाती है। टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, निमिषा प्रिया के मामले में 8 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है।

खबर है कि Save Nimisha Priya International Action Council ने पूरी धनराशि के साथ तलाल के परिवार को शिक्षा, मेडिकल समेत कई अन्य सहयोग देने का भी वादा किया है। लेकिन कहा जा रहा है कि पीड़ित के परिवार ने सभी पेशकश ठुकरा दी हैं। टेलीग्राफ से बातचीत में काउंसिल की उपाध्यक्ष दीपा जोसेफ ने कहा, 'सारे प्रयास किए जा रहे हैं। हम मानवीय रूप से हर मदद पेश कर रहे हैं, लेकिन परिवार ने अब तक कुछ भी स्वीकार नहीं किया है। हम गुरुवार तक सना से कुछ अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं।'

और भी हैं परेशानियां

कहा जा रहा है कि यमन में जारी संघर्ष ने निमिषा प्रिया मामले में मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सना और मुल्क के अधिकांश हिस्से पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है, जिसके चलते भारतीय अधिकारियों के प्रभाव को कम कर दिया है। जोसेफ बताती हैं, 'प्रेमा कुमारी (निमिषा प्रिया की मां) बीते अप्रैल से यमन में हैं। उन्हें किसी चमत्कार की उम्मीद है। प्रिया के पति और 12 साल की बेटी इडुक्की में हैं।'

केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेनगोड़े की प्रिया को जुलाई 2017 में यमन के एक व्यक्ति की हत्या का दोषी ठहराया गया था। वह व्यक्ति प्रिया का बिजनेस पार्टनर था। यमन की अदालत ने 2020 में उसे मौत की सजा सुनाई थी और देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में उसकी अपील खारिज कर दी थी। निमिषा यमन की राजधानी सना में जेल में बंद है। सना में इस वक्त ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है।

पीटीआई भाषा के अनुसार, प्रिया की मां प्रेमकुमारी अपनी बेटी की रिहाई सुनिश्चित कराने के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष यमन गई थीं। बताया जाता है कि भारतीय पक्ष ने प्रिया की रिहाई दियात या ब्लड मनी देकर सुनिश्चित करने के विकल्प पर भी विचार किया था लेकिन इसमें भी कुछ बाधा आई।

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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