
कैदियों वाले कपड़े, लंगड़ाते नजर आए; सुनवाई के लिए इस तरह कोर्ट पहुंचे निकोलस मादुरो
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सोमवार को मैनहटन की संघीय अदालत में पेश किया गया। वीडियो में नजर आ रहा है कि भूरे रंग का कैदियों वाला जंपसूट और भूरे रंग के जूते पहने हुए हैं। वह लंगड़ाते हुए नजर आ रहे हैं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सोमवार को मैनहट्टन की संघीय अदालत में पेश किया गया। वीडियो में नजर आ रहा है कि भूरे रंग का कैदियों वाला जंपसूट और भूरे रंग के जूते पहने हुए हैं। वह लंगड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। साथ में उनकी पत्नी भी चलती नजर आ रही हैं। उन्हें भी कस्टडी में रखा गया है। मादुरो की सुनवाई के दौरान मैनहट्टन कोर्ट के इर्द-गिर्द सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आसपास के इलाकों में जबर्दस्त ढंग से बैरिकेडिंग की गई है। मुख्य प्रवेश पर भी सुरक्षा का दायरा है। इसके अलावा पैट्रोलिंग वाले इलाकों में पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
कौन है मामले में जज
मादुरो का केस 92 साल के जज एल्विन के हेलेर्सटीन की अदालत में चल रहा है। एल्विन को साल 1998 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने नियुक्त किया था। वह साल 2011 से न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में सीनियर जज हैं। अभी तक के करियर में उन्होंने 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले के मामलों के अलावा आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े केसेज की सुनवाई की है।
किस जेल में रखे गए हैं
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित जिस जेल में रखा गया है, वह लंबे समय से गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। हालात ऐसे रहे हैं कि कुछ न्यायाधीशों ने वहां आरोपियों को भेजने से इनकार किया है। हालांकि इस जेल में संगीतकार आर. केली और सीन ‘डिडी’ कॉम्ब्स जैसे चर्चित कैदी भी रह चुके हैं।
अमेरिका ने शनिवार तड़के सैन्य अभियान में मादुरो और उनकी पत्नी को सैन्य अड्डे पर स्थित उनके आवास से पकड़ लिया था और उन्हें पहले एक अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया था। वह अमेरिका में न्याय मंत्रालय द्वारा लगाए गए मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद की साजिश में भाग लेने के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
विमान से उतारा गया
मादुरो को लेकर एक विमान शनिवार शाम करीब 4:30 बजे न्यूयॉर्क शहर के उत्तरी उपनगर में स्थित एक हवाई अड्डे पर उतरा। मादुरो को विमान से उतारा गया, वह सावधानी से सीढ़ियों से नीचे उतरे। उन्हें संघीय एजेंटों ने घेरा हुआ था। कई एजेंटों ने अपने फोन से उनकी वीडियो भी बनाई।
इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से मैनहट्टन ले जाया गया, जहां कानून प्रवर्तन वाहनों का एक काफिला उनका इंतजार कर रहा था ताकि उन्हें पास के अमेरिकी ‘ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन’ (डीईए) कार्यालय ले जाया जा सके। इसमें एक बख्तरबंद गाड़ी भी शामिल थी।

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