ये इंडिया नहीं है… अब इस देश में भारत विरोधी प्रदर्शन, सिखों के नगर कीर्तन को बनाया निशाना

Dec 22, 2025 03:12 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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नगर कीर्तन के खिलाफ हुए इस विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक नारे लगाए। प्रदर्शन के बीच ‘ये इंडिया नहीं है’…, ‘जीसस-जीसस’… जैसे नारे भी लगे। अकाल तख्त ने घटना पर हैरानी जताई है।

ये इंडिया नहीं है… अब इस देश में भारत विरोधी प्रदर्शन, सिखों के नगर कीर्तन को बनाया निशाना

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंसक भारत विरोधी प्रदर्शनों और तनावपूर्व माहौल के बीच अब एक और देश में भारत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की खबर सामने आई है। मामला न्यूजीलैंड के ऑकलैंड का है। जानकारी के मुताबिक दक्षिणी ऑकलैंड में बीते शनिवार सिखों के एक धार्मिक जुलूस यानी नगर कीर्तन निशाना बनाया गया। दक्षिणपंथी समूह के लोगों ने नगर कीर्तन को रोककर रास्ता जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई, जिसके बाद जुलूस को रोकना पड़ा।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक घटना ऑकलैंड के मैनुरेवा इलाके में हुई। यहां नानकसर सिख गुरुद्वारे की ओर से नगर कीर्तन का आयोजन किया गया था। जुलूस में शामिल दर्जनों सिख शामिल हुए जिनमें कई निहंग सिख भी थे। नगर कीर्तन को बीच में रोककर प्रदर्शनकारियों ने ना सिर्फ धार्मिक नारेबाजी की, बल्कि भारत के खिलाफ भी टिप्पणियां की। इंटरनेट पर सामने आए कई वीडियो में ‘ट्रू पैट्रियट्स ऑफ न्यूजीलैंड’ नाम के गुट के लोग नगर कीर्तन के सामने देश का पारंपरिक नृत्य माओरी हाका करते नजर आए। यह समूह कथित तौर पर पेंटेकोस्टल नेता ब्रायन तमाकी और डेस्टिनी चर्च से जुड़ा हुआ है।

पुलिस ने किया हस्तक्षेप

नगर कीर्तन के खिलाफ हुए इस विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “दिस इस न्यूजीलैंड, नॉट इंडिया” जैसे नारे लिखे पोस्टर पकड़े हुए थे। वहीं कुछ लोगों ने “कीवीज फर्स्ट” लिखी टी-शर्ट पहन रखी थी। विडियोज में लोग “एक ही गॉड” और “जीसस-जीसस” जैसे धार्मिक नारे लगाते दिखे। जानकारी के मुताबिक मामला बिगड़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और हालात को बिगड़ने से रोके रखा।

अकाल तख्त ने की निंदा

इस घटनाक्रम पर नगर कीर्तन के आयोजकों ने बेहद नाराजगी जताई है। आयोजकों ने बताया कि इस जुलूस को स्थानीय प्रशासन की पूरी इजाजत मिली हुई थी और इस तरह का विरोध उनके लिए पूरी तरह अप्रत्याशित था। इस बीच अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने एक वीडियो मैसेज में घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा है कि सिख लंबे समय से कानूनी रूप से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं, टैक्स देते हैं, नियमों का पालन करते हैं और देश की तरक्की में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड सरकार से सिख समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की।

सुखबीर सिंह बादल क्या कहा?

वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी न्यूजीलैंड और भारत सरकार से सिख समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की अपील की। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि नगर कीर्तन सिखों की एक पवित्र परंपरा है, जो भक्ति, एकता और मानवता के कल्याण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि उकसावे के बावजूद सिख समुदाय ने संयम और शांति दिखाई।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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