होर्मुज फिर बंद हो गया? ईरान पर अमेरिका के ताजा हमले के बाद बिगड़े हालात
क्या होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद हो गया है? यह सवाल इसलिए उठा रहा है क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर से हमला बोल दिया है। इस बार उसने ईरान के केशम द्वीप को निशाना बनाया है।

क्या होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद हो गया है? यह सवाल इसलिए उठा रहा है क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर से हमला बोल दिया है। इस बार उसने ईरान के केशम द्वीप को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि दुश्मन ने केशम द्वीप पर हमला बोला है। जानकारी के मुताबिक इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, वहीं दो अन्य घायल हुए हैं। अब ईरान का कहना है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। वहीं, अमेरिका का दावा है कि होर्मुज खुला हुआ है। अमेरिका ने ईरानी मिसाइलों, एयर डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया है। इसके अलावा आईआरजीसी की छोटी स्पीड बोट्स पर कई जगह निशाना साधा गया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
एक दर्जन मिसाइलें दागीं
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने द्वीप के गवर्नर के हवाले से बताया कि रविवार दोपहर से अब तक लगभग एक दर्जन मिसाइलें दागी गई हैं। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। अमेरिकी सेना की ओर से इस पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं आई है। इससे पहले रविवार को अमेरिका की सेना ने कहा था कि उसने जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक पोत पर ईरान के हालिया हमले के जवाब में ईरान में लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया था। फारस की खाड़ी के इस सबसे बड़े द्वीप पर लगभग 1,50,000 लोग रहते हैं।
ईरान ने कहा-असंभव
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान-अमेरिका ने परस्पर विरोधी दावे किए हैं। इससे इसके खुलने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। होर्मुज स्ट्रेट के नए ट्रैफिक नियमों की निगरानी करने वाले ईरानी प्राधिकरण ने रविवार को जहाजों की आवाजाही को फिलहाल ‘असंभव’ बताया। इससे कुछ ही समय पहले अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने दावा किया था कि यह जलमार्ग सभी जहाजों के लिए खुला है। होर्मुज का ट्रैफिक संभालने वाली ईरानी संस्था ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (पीजीएसए) ने इस पाबंदी को क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जोड़ा है। पीजीएसए ने एक्स पर लिखा कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की हालिया गैर-कानूनी गतिविधियों के कारण होर्मुज में जहाजों का आवागमन फिलहाल संभव नहीं। इसने कहाकि जब तक यहां पर स्थिरता और शांति बहाल नहीं हो जाती, जहाजों की आवाजाही पर रोक लगी है।
अमेरिका सेंट्रल कमान ने क्या कहा
वहीं, होर्मुज बंद करने के ऐलान के बावजूद अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहाकि होर्मुज स्ट्रेट सभी जहाजों के लिए खुला है। सेंटकॉम ने एक्स पोस्ट में कहाकि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कानूनी रूप से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला है। सेंटकॉम ने कहा कि ईरानी आक्रामकता, उत्पीड़न, धमकियों और मनमाने बयानों के बावजूद नौवहन की स्वतंत्रता बनाये रखने के लिए अमेरिकी बल तैनात हैं।
सेंटकॉम के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण नहीं है और जहाजों की आवाजाही जारी है। अमेरिकी नेवी की देख-रेख वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (जेएमआईसी) ने कहाकि होर्मुज के रास्ते ओमान वाला दक्षिणी रास्ता दोनों तरफ की आवाजाही के लिए खुला है। संस्था ने हालांकि चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग में काफी खतरा है।
‘मरीन ट्रैफिक’ ने क्या बताया
उधर, समुद्री जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली एजेंसी ‘मरीन ट्रैफिक’ के आंकड़ों से पता चला है कि ईरान के ऐलान के बाद इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही में एक बार फिर गिरावट आई है। ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद बढ़े तनाव के बीच ये परस्पर विरोधी बयान सामने आए हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा बाजारों में रुकावट की आशंका बढ़ गई है।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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