Hindi Newsविदेश न्यूज़Netanyahu is upset with Trump Peace Board being formed for peace in Gaza what is reason given
गाजा में शांति के लिए बनाए जा रहे ट्रंप के 'पीस बोर्ड' से नेतन्याहू नाराज, क्या बताई वजह?

गाजा में शांति के लिए बनाए जा रहे ट्रंप के 'पीस बोर्ड' से नेतन्याहू नाराज, क्या बताई वजह?

संक्षेप:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा पीस बोर्ड की घोषणा के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस पर नाराजगी जाहिर की है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया कि इसे घोषित करने से पहले उनसे कोई सलाह नहीं ली गई है।

Jan 18, 2026 06:20 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा और इजरायल के बीच शांति के लिए शांति समझौते के दूसरे चरण में जाने के लिए पीस बोर्ड की स्थापना का ऐलान किया है। हालांकि, इस बोर्ड के सदस्यों को लेकर अब इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आपत्ति जताई है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि बोर्ड की यह संरचना उसकी नीति के विपरीत है और इसे गठित करने से पहले इजरायल से किसी प्रकार की राय नहीं ली गई है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

नेतन्याहू के कार्यालय ने फेसबुक पर किए एक पोस्ट में कहा, "पीस बोर्ड के अधीन गाजा के कार्यकारी बोर्ड की संरचना के संबंध में जो घोषणा की गई है, वह इजरायल की नीति के विपरीत है। इस मामले में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विदेश मंत्री से अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा है।"

गौरतलब है कि शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने गाजा पीस बोर्ड में शामिल सदस्यों के नामों की घोषणा की गई थी। इस बोर्ड की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। उनके अलावा इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, राष्ट्रपति ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ-साथ राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर और सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल शामिल हैं। जमीनी प्रतिनिधित्व के लिए, बोर्ड में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व मध्य पूर्व दूत निकोले म्लादेनोव शामिल हैं, जो गाजा के उच्च प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा को भी शांति बोर्ड में नियुक्त किया गया है।

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने विभिन्न विश्व नेताओं को शांति बोर्ड के "संस्थापक सदस्य" बनने के लिए आमंत्रित करते हुए पत्र भेजे, जिसमें उन्होंने कहा कि यह "वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण" को अपनाएगा। यह घोषणा गाजा में अमेरिका की मध्यस्थता से शुरू हुई शांति योजना के दूसरे चरण के शुभारंभ के बाद की गई।

ट्रंप भले ही शांति बोर्ड को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हों, लेकिन जमीनी हालात अभी भी ज्यादा बदले नहीं है। इजरायल और हमास दोनों ने ही एक-दूसरे के ऊपर संघर्ष विराम को तोड़ने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका द्वारा लागू करवाए गए संघर्ष विराम से लेकर अब तक इस क्षेत्र में करीब 450 फिलिस्तीनी नागरिक और तीन इजरायली सैनिक मारे गए हैं।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।