भारत-नेपाल सीमा पर आम लोगों को बड़ी राहत, SC ने 100 रुपए वाले टैक्स नियम पर लगाई रोक

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जस्टिस हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ ने नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिपरिषद, नेपाल के वित्त मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अगले आदेश तक इस नियम को लागू न करें।

भारत-नेपाल सीमा पर आम लोगों को बड़ी राहत, SC ने 100 रुपए वाले टैक्स नियम पर लगाई रोक

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने भारत से लाए जाने वाले सामानों पर नागरिकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सामान पर लगने वाले 100 नेपाली रुपए (NPR) के सीमा शुल्क वाले नियम पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस नियम के मुताबिक नेपाल में कोई शख्स भारत से नेपाल में अपने निजी इस्तेमाल के लिए भी सामान लाता है, और उसकी कीमत 100 नेपाली रुपए (भारत में लगभग 62 रुपए) से ज्यादा है, तो उसे उस सामान पर सीमा शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट इस पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जस्टिस हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ ने नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिपरिषद, नेपाल के वित्त मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अगले आदेश तक इस नियम को लागू न करें।

दरअसल इस नियम के खिलाफ एक रिट याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि 100 NPR से ज्यादा कीमत के सामान पर सीमा शुल्क लगाने की फैसला सीमा शुल्क अधिनियम, 2081 के प्रावधानों, खास तौर से छूट से संबंधित प्रावधानों के खिलाफ है।

नेपाल सरकार ने लागू किया था नियम

दरअसल प्रधानमंत्री बलेंद्र बालेन शाह के नेतृत्व वाली नव निर्वाचित सरकार के वित्त मंत्रालय ने 100 एनपीआर से ज्यादा के कीमत वाले सामान पर सीमा शुल्क अनिवार्य कर दिया था। इस कदम से तराई-मधेस क्षेत्र में नेपाल-भारत सीमा चौकियों पर कड़ी जांच शुरू हो गई और लोग इसकी कड़ी आलोचना करने लगे। उधर सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) ने लोगों से भारत से लाए गए सामान पर अनिवार्य रूप से सीमा शुल्क का भुगतान करने की बात कही। आदेशों के बाद, सीमा शुल्क विभाग, राजस्व जांच विभाग, जिला प्रशासन कार्यालय, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की संयुक्त निगरानी टीमों ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दीं, जिससे देश में आने वाले सामानों पर सख्त नियंत्रण लागू हो गया।

इस सख्त नीति ने मधेस के सीमावर्ती जिलों में गंभीर समस्याएं पैदा कर हो गई, जिससे लोगों का रोजाना का जीवन प्रभावित होने लगा। महज 100 रुपए से ज्यादा के सामान पर टैक्स लगाने और फॉर्म भरवाने से आम जनता और छोटे दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा पूर्व से पश्चिम तक सीमा चौकियों पर स्थिति अस्त-व्यस्त हो गई। साप्ताहिक बाजारों से लौट रहे नेपालियों की जांत की जाती थी जिसे उन्हें लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। उनके बैग और पैकेज खोलकर उनकी जांच की जाने लगी।

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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