राजनीतिक पार्टी बनाएगा नेपाल का जेन-जी समूह, लेकिन 2026 का चुनाव लड़ने पर डाला सस्पेंस
Nepal: के पी शर्मा ओली को सत्ता से उखाड़ फेंकने वाले जेन-जी समूह ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। हालांकि, आगामी चुनाव में भाग लेने से पहले उन्होंने अपनी कुछ महत्वपूर्ण मांगों को रखा है।
नेपाल में के पी शर्मा ओली की सरकार को उखाड़ फेंकने वाला जेन-जी समूह अब राजनीतिक पार्टी बनाने की तैयारी में है। शनिवार को उन्होंने अपनी इस योजना की घोषणा की। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अगले साल होने वाले आम चुनावों में भाग लेंगे? इसका जवाब देते हुए समूह की तरफ से कहा गया कि जब उनकी कुछ मूलभूत शर्तें पूरी होंगी, तभी वह इसमें भाग लेंगे।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, "एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जेन-जी समूह के नेता मिराज धुंगाना ने अपने एजेंडे का खुलासा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी नई पार्टी का उद्देश्य नेपाल में जेन-जी की आवाज को एकजुट करना होगा।" धुंगाना ने जोर देकर कहा कि 5 मार्च 2026 को प्रस्तावित आगामी चुनाव में उनकी पार्टी की भागीदारी सरकार द्वारा विशिष्ट मांगों को पूरा करने पर निर्भर होगा। इतना ही नहीं उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि फिलहाल उनकी पार्टी एक बेहतर नाम के लिए सुझाव एकत्र कर रही है।
जेन-जी समूह की दो प्रमुख मांगें
आपको बता दें नेपाल के जेन-जी समूह की प्रमुख दो मांगों में, प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित कार्यकारी प्रणाली की शुरुआत और विदेशों में रहने वाले नेपाली नागरिकों को मतदान का अधिकार देना शामिल है। इसके अलावा धुंगाना ने भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए एक नागरिक नेतृत्व वाली जांच समिति के गठन और आर्थिक परिवर्तन पर स्पष्ट नीति अपनाने पर जोर दिया। धुंगाना ने कहा, "हम सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए संघर्ष करते रहेंगे। जेन-जी युवाओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।"
धुंगाना ने सुझाए नेपाल को आगे बढ़ाने के रास्ते
इसके अलावा धुंगाना ने रोजगार की वजह से देश छोड़कर जाने वाले युवाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नेपाली युवाओं के बढ़ते पलायन की वजह से हिमालयी राष्ट्र का आर्थिक विकास रुक गया है। पिछली सरकारों को यह मुद्दा उठाना चाहिए था लेकिन उन्होंने इस पर कोई काम नहीं किया। इसके अलावा धुंगाना ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "हम दो घनी आबादी वाले पड़ोसी देशों से घिरे हैं जिनकी कुल जनसंख्या तीन अरब है, हमें पड़ोसी बाज़ारों को लक्षित करते हुए अपना उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।"

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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




