नेपाल : इतनी भयानक बाढ़ में कैसे बचा ये मकान? मालिक ने सुनाई खौफनाक पलों की पूरी कहानी

By Rajat Kumar लाइव हिन्दुस्तान

बीते दिनों नेपाल में जो जल प्रलय आया, उसने रास्ते में पड़ने वाली हर एक चीज को बहाकर ले गया। पर इस विनाशकारी बाढ़ में भी एक मकान अपनी जगह पर टिका रहा। ये हरे रंग का मकान की फिलहाल पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। वहीं अब इस घर के मालिक ने उन डरावने पलों के बारे में बताया है

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नेपाल बाढ़ में वायरल हुए इस मकान के मालिक ने बताई उन खौफनाक पलों की कहानी

“जब आपको लगे कि ये आपकी जिंदगी का आखिरी पल हो सकता है, तो उस वक्त दिमाग में क्या चलता है? इस सवाल के जवाब में शख्स ने कहा, मुझे लगा था कि शायद अब हमारी जिंदगी खत्म होने वाली है।” ये जवाब देने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि नेपाल के बाढ़ में वायरल हुए मकान के मालिक हैं।

बीते दिनों नेपाल में जो जल प्रलय आया, उसने रास्ते में पड़ने वाली हर एक चीज को बहाकर ले गया। पर इस विनाशकारी बाढ़ में एक मकान अपनी जगह पर टिका रहा। इस हरे रंग के मकान की फिलहाल पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। पानी के बहाव ने जब बड़े-बड़े पुल और इमारतों को तबाह कर दिया तो ये घर टिका रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के मन में ये सवाल है कि, आखिर इस घर में ऐसा क्या था कि भयंकर बाढ़ भी इसे नहीं बहा सकी? इस सवाल का जबाव खुद इस घर के मालिक ने दिया है।

40 साल पुराना है घर

नेपाल के नुवाकोट जिले में रहने वाले प्रकाश उस डरावने पल को याद करते हुए बताते हैं कि, त्रिशूली नदी में आई भयानक बाढ़ का पानी उनके करीब 40 साल पुराने हरे रंग के घर के चारों तरफ फैल गया था। बाढ़ इतनी तेज थी कि आसपास खड़ी गाड़ियां, इमारतें और लोगों का सामान पानी के तेज बहाव में बहने लगा। चारों तरफ सिर्फ पानी और तबाही का मंजर दिखाई दे रहा था। उस वक्त घर के अंदर कुल छह लोग मौजूद थे। प्रकाश ने बताया, “हम छह लोग वहां मौजूद थे। मैं भी घर में था और मेरे परिवार के पांच सदस्य भी मेरे साथ थे।”

मकान के मालिक ने बताई उस डरावने पल की सच्चाई

प्रकाश ने उस दिन की कहानी भी बताई है। उन्होंने बताया कि, बाढ़ का पानी बढ़ने पर परिवार घर की ऊपरी मंजिलों में चला गया और करीब एक से डेढ़ घंटे तक सबसे ऊंचे हिस्से में फंसा रहा। बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा था। तब लगा कि शायद यह उनके जीवन का आखिरी पल हो सकता है।

प्रकाश पास की अपनी दुकान पर थे, तभी उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने की खबर मिली। वह तुरंत घर पहुंचे और परिवार के लोगों को अंदर आने के लिए कहा। बाहर निकलते ही उन्होंने देखा कि पानी के तेज बहाव ने उनकी गाड़ी को पलट दिया है। यह देखकर वह वापस घर के अंदर भाग गए। परिवार पहले घर की चौथी मंजिल पर पहुंचा। यह इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल थी, लेकिन कुछ देर बाद बाढ़ का पानी वहां तक भी पहुंच गया। इसके बाद सभी लोग घर के सबसे ऊंचे हिस्से में चले गए।

प्रकाश ने कहा, “घर में बाकी सभी लोग मेरे साथ थे, लेकिन मेरा एक बेटा वहां नहीं था। वह स्कूल गया हुआ था। मैं बार-बार यही सोच रहा था कि अगर हमें कुछ हो गया, तो उसका क्या होगा?” बाढ़ के बीच अपने परिवार के साथ होने के बावजूद बेटे की चिंता प्रकाश को अंदर से परेशान कर रही थी।

जलप्रलय के बीच डेढ़ घंटा फंसा रहा परिवार

प्रकाश और उनका परिवार करीब एक से डेढ़ घंटे तक घर की सबसे ऊंची जगह पर फंसा रहा। इस दौरान सभी लोग बाढ़ का पानी कम होने का इंतजार करते रहे। कुछ समय बाद जब पानी का स्तर थोड़ा कम हुआ, तो पास के इलाके के कुछ लोग उनकी मदद के लिए पहुंचे। प्रकाश ने बताया, “पास के इलाके से कुछ लोग हमें बचाने आए। उन्होंने दो इमारतों के बीच एक पाइप लगाया। इसके बाद रस्सी की मदद से वे हमारी तरफ पहुंचे और हमें बाहर निकाला।” उन्होंने बताया कि इसी पाइप और रस्सी की मदद से परिवार के सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाढ़ के सबसे खतरनाक दौर में परिवार घर की सबसे ऊंची जगह पर मौजूद था। इसी वजह से वे तेज पानी से बच सके और बाद में स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर आ गए।

चट्टान की तरह कैसे खड़ा रहा घर?

बाढ़ के बाद घर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। लोग इसे ‘चमत्कारी घर’ कहने लगे। लोगों के मन में एक ही सवाल था कि इतनी तेज बाढ़ में यह घर कैसे बच गया। इस सवाल के जवाब में प्रकाश ने बताया है कि घर की मजबूत नींव इसकी बड़ी वजह हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह घर 40 साल पुराना है। नदी के पास बनाते समय इसकी नींव पर खास ध्यान दिया गया था। घर के नीचे सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की दो-तीन परतें भी डाली गई थीं।

वहीं बाढ़ के वक्त उस घर में मौजूद महिला लक्ष्मी पांडे ने बताया कि जब वह बाढ़ के बीच घर में फंसी हुई थीं और चारों तरफ पानी तेज बहाव के साथ गुजर रहा था, तब वह लगातार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप कर रही थीं। उस घटना के दौरान बचकर सुरक्षित निकल आना दूसरे जन्म की तरह है।

लेखक के बारे में

Rajat Kumar

रजत कुमार, बीते आठ सालों से पत्रकारिता कर रहा हूं। मैंने, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की है और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। अपने आठ साल के पत्रकारिता करियर में मैंने, प्रभात खबर, इंडिया टुडे और मनीकंट्रोल के डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ काम किया है। फिलहाल, लाइव हिंदुस्तान के साथ अपने पत्रकारिता के सफर को आगे बढ़ा रहा हूं।

आम लोगों की कहानियां लिखना और उन्हें सुनाना बेहद पंसद है। बीते आठ सालों से ऐसी कई कहानियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश जारी है। पत्रकारिता के इस सफर में दो लोकसभा चुनाव और पांच से अधिक विधानसभा चुनाव को कवर करने का भी मौका मिला है। चुनावी रिपोर्टिंग के साथ-साथ जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की पत्रकाारिता भी जारी है। राजनीति, क्रिकेट, सिनेमा और इतिहास पसंदीदा विषय रहे हैं। इस विषयों पर लिखना- पढ़ना जारी है।

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